Chhattisgarh Fertilizer Shortage को लेकर मंगलवार (14 जुलाई 2026) को छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। खरीफ सीजन के दौरान खाद और प्रमाणित बीज की कथित कमी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया और स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई।
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Chhattisgarh Fertilizer Shortage पर कांग्रेस का सरकार पर हमला
शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के अन्य विधायकों ने राज्य में खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज की कमी का मुद्दा उठाया।
विपक्ष का आरोप था कि खरीफ सीजन के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों को डीएपी (DAP), पोटाश और अधिक उत्पादन देने वाली धान की प्रमाणित किस्मों के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। इससे बुआई और रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस ने सरकार को “किसान विरोधी” बताते हुए इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
भूपेश बघेल ने लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में किसानों की सबसे अधिक मांग वाले डीएपी और पोटाश का पर्याप्त स्टॉक नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिन उर्वरकों की तत्काल आवश्यकता नहीं है, जैसे यूरिया और नैनो उर्वरक, उनका अधिक भंडारण किया गया है जबकि जरूरत वाले उर्वरकों की कमी बनी हुई है।
भूपेश बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि कृषि विभाग कुल खाद उपलब्ध होने का दावा कर किसानों को भ्रमित कर रहा है, जबकि वास्तविक समस्या विशेष प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर है।
Chhattisgarh Fertilizer Shortage के साथ बीज संकट का भी आरोप
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि किसानों की पसंद वाली धान की प्रमाणित किस्मों के बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं।
विपक्ष का कहना था कि कम वर्षा के कारण किसान पहले से ही सिंचाई की समस्या झेल रहे हैं और अब बीज की कमी से खेती पर अतिरिक्त संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों को पंपसेट के जरिए सिंचाई करनी पड़ रही है।
AgriStack पोर्टल को लेकर भी विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्ष ने AgriStack पोर्टल के संचालन पर भी सवाल खड़े किए।
कांग्रेस का आरोप था कि किसान पोर्टल पर पंजीकरण, भूमि रिकॉर्ड सुधार और फसल संबंधी जानकारी अपडेट कराने में परेशान हो रहे हैं।
विपक्ष ने कहा कि जब फसल ऋण लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने के लिए AgriStack पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, तब तकनीकी समस्याओं का समाधान भी सरकार को करना चाहिए।
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Chhattisgarh Fertilizer Shortage पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम का जवाब
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में खाद और प्रमाणित बीज की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद भंडारण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 14.06 लाख टन, यानी लगभग 90 प्रतिशत खाद पहले ही उपलब्ध करा दी गई है।
मंत्री ने कहा कि राज्य में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज के लक्ष्य के मुकाबले 4.76 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है।
इसके अलावा 4.79 लाख क्विंटल धान बीज की मांग के विरुद्ध 4.72 लाख क्विंटल प्रमाणित धान बीज उपलब्ध कराया गया है।
DAP और पोटाश को लेकर सरकार का पक्ष
रामविचार नेताम ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद राज्य में 1.67 लाख टन डीएपी का भंडारण किया गया है, जो लक्ष्य का 56 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि पोटाश का 99 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों की फॉस्फोरस और पोटाश की जरूरत केवल डीएपी और पोटाश से ही पूरी नहीं होती। एनपीके (NPK) उर्वरक और सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) जैसे विकल्प पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
सरकार के अनुसार सहकारी समितियों में 95 प्रतिशत एनपीके और 146 प्रतिशत सिंगल सुपर फॉस्फेट का भंडारण पहले ही किया जा चुका है।
सिंचाई और डीजल आपूर्ति पर सरकार का दावा
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों के पास डीजल पंप हैं, उनके लिए जिला प्रशासन को डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए सभी जिलों के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार किए गए हैं और किसानों को समय-समय पर वैज्ञानिक सलाह भी जारी की जा रही है।
विधानसभा में हंगामा, विपक्षी विधायक हुए निलंबित
कृषि मंत्री के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
इस फैसले से असंतुष्ट कांग्रेस के 34 विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) के एक विधायक सदन के वेल में पहुंच गए।
विधानसभा के नियमों के तहत उन्हें स्वतः निलंबित कर दिया गया। हालांकि कुछ समय बाद अध्यक्ष ने उनका निलंबन वापस लेते हुए सदन की कार्यवाही फिर से शुरू कराई।
Chhattisgarh Fertilizer Shortage को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। कांग्रेस ने डीएपी, पोटाश, प्रमाणित बीज और AgriStack पोर्टल की समस्याओं को किसानों की बड़ी चिंता बताया, जबकि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सरकारी आंकड़ों के आधार पर खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया। खरीफ सीजन के बीच यह मुद्दा राज्य की राजनीति और कृषि व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि सरकार जमीनी स्तर पर किसानों की शिकायतों का समाधान किस प्रकार सुनिश्चित करती है।
