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छत्तीसगढ़ कैबिनेट में दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव को मिलेगा स्थान, 20 अगस्त को मंत्री पद की शपथ

दुर्ग, 19 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बुधवार का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं। इस विस्तार में दुर्ग शहर के युवा और पहली बार विधायक बने गजेन्द्र यादव को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। वे 20 अगस्त को मंत्री पद की शपथ लेंगे।

गजेन्द्र यादव ने 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के पुत्र अरुण वोरा को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। उन्होंने दुर्ग शहर सीट से 4,697 वोटों से जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा पहुँचे। यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता बिसरा राम यादव संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रह चुके हैं।

सबसे कम उम्र में पार्षद बनने का रिकार्ड

15 जुलाई 1978 को जन्मे गजेन्द्र यादव किसान परिवार से आते हैं। शिक्षा उन्होंने दुर्ग से प्राप्त की और भिलाई से आईटीआई फिटर ट्रेड भी किया। छात्र जीवन में ही राजनीति की ओर झुकाव हुआ। 21 वर्ष की उम्र में वे अविभाजित मध्यप्रदेश के सबसे कम उम्र के पार्षद बने। इसके बाद जनता के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई।

स्काउट-गाइड से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक

राजनीति के साथ-साथ गजेन्द्र यादव ने सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई। वे राज्य मुख्य आयुक्त, स्काउट-गाइड बने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। वर्ष 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने स्काउट-गाइड में उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदेश को सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा।

पार्षद से विधायक और अब मंत्री बनने का सफर

1996 से सक्रिय राजनीति में उतरे यादव ने भाजपा के दिग्गज नेताओं ताराचंद साहू और हेमचंद यादव के चुनाव अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद 1999 में नगर निगम चुनाव में जीत हासिल कर सुर्खियों में आए। 2005 में उन्हें स्काउट-गाइड का राज्य सचिव और बाद में किसान मोर्चा का प्रदेश सचिव बनाया गया।
अब, पहली बार विधायक बने गजेन्द्र यादव के सामने मंत्री बनने का बड़ा मौका है, जो उनके राजनीतिक सफर का नया अध्याय होगा।