India Industrial Fair 2026 का शुभारंभ शुक्रवार, 18 सितंबर को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय औद्योगिक मेला देशभर के उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों को एक मंच पर ला रहा है।
मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और भविष्य के उद्योगों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ की खनिज, ऊर्जा, वन संपदा और मानव संसाधन को राज्य की प्रमुख ताकत बताते हुए सरकार ने आधुनिक तकनीक और निवेशक हितैषी नीतियों के जरिए औद्योगिक विस्तार पर जोर दिया है।
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छत्तीसगढ़ में नए उद्योगों पर फोकस
सरकार का फोकस अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। IT, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों को भी निवेश के लिए प्रमुख सेक्टर के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के आधिकारिक निवेश पोर्टल पर Industrial Development Policy 2024-30 के तहत फार्मा, टेक्सटाइल, IT, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों के लिए निवेश प्रोत्साहन तथा विभिन्न सब्सिडी का उल्लेख है।
सरकार के अनुसार निवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन सेवाओं और सिंगल-विंडो व्यवस्था को महत्व दिया गया है।
India Industrial Fair 2026 में निवेश का न्योता
India Industrial Fair 2026 के मंच से मुख्यमंत्री साय ने उद्योग जगत को छत्तीसगढ़ में उपलब्ध संभावनाओं से जुड़ने का आह्वान किया। उनका कहना है कि सरकार उद्योगों के लिए केवल नियामक की भूमिका में नहीं, बल्कि सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में काम करना चाहती है।
लघु उद्योग भारती की भूमिका भी इस मेले में महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संगठन देशभर में 750 से अधिक जिलों में काम करता है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में 1,200 से ज्यादा लघु एवं मध्यम उद्योग इससे जुड़े होने की जानकारी दी गई है।
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India Industrial Fair 2026 और MSME की भूमिका
MSME यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला माना जा रहा है। ऐसे मंच छोटे और मध्यम उद्यमियों को बाजार, निवेश, तकनीक और कारोबारी नेटवर्क से जुड़ने का अवसर देते हैं।
सरकार की औद्योगिक नीति में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन प्रावधान हैं। आधिकारिक निवेश पोर्टल पर पूंजी निवेश, ब्याज, तकनीक खरीद और रोजगार सहायता जैसे प्रोत्साहनों की जानकारी उपलब्ध है।
औद्योगिक नीति 2024-30 से निवेश को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ की Industrial Development Policy 2024-30 राज्य के मौजूदा औद्योगिक विस्तार की प्रमुख नीतिगत आधारशिला है। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक साथ बढ़ावा देना है।
नीति के तहत प्रक्रियाओं को आसान बनाने और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया है। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों को फोकस सेक्टर के रूप में भी चिन्हित किया है।
निवेश पोर्टल के मुताबिक राज्य में One Click Single Window जैसी व्यवस्था के जरिए निवेशकों को विभिन्न अनुमतियों और सेवाओं तक ऑनलाइन पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
सेमीकंडक्टर और नई अर्थव्यवस्था की तैयारी
नई अर्थव्यवस्था के तहत सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दी गई जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब ₹1,100 करोड़ की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम शुरू हुआ है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत स्तर पर भी निवेश और निर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर है। 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में SEMICON India 2026 का आयोजन हुआ, जिसमें देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति में IT, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा देने के प्रावधान भी मौजूद हैं। इससे राज्य की पारंपरिक अर्थव्यवस्था के साथ नई तकनीकी इंडस्ट्री के विस्तार की दिशा स्पष्ट होती है।
रोजगार और MSME को मिलेगा बढ़ावा
औद्योगिक निवेश का एक बड़ा संभावित प्रभाव रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है। सरकार की नीति में स्थानीय रोजगार को महत्व देने की बात कही गई है।
MSME और स्टार्टअप के विस्तार से युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के साथ उद्यमिता के अवसर भी बढ़ सकते हैं। उद्योगों के साथ कौशल विकास और स्थानीय मानव संसाधन को जोड़ना इस दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
बस्तर के पर्यटन क्षेत्र पर भी नजर
औद्योगिक विकास के साथ बस्तर में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया है। प्राकृतिक संसाधन, संस्कृति और पर्यटन स्थलों के आधार पर स्थानीय कारोबार तथा रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी छत्तीसगढ़ को उद्योगों की नई उड़ान के लिए तैयार बताया। ऐसे में औद्योगिक निवेश, MSME, स्टार्टअप और पर्यटन को साथ लेकर विकास का मॉडल तैयार करने पर सरकार का फोकस दिखाई देता है।
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India Industrial Fair 2026 रायपुर में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक बदलाव और नई अर्थव्यवस्था की दिशा को सामने रखने वाला महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। IT, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर फोकस के साथ सरकार निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की कोशिश कर रही है। अब इन नीतियों और निवेश प्रस्तावों का वास्तविक प्रभाव नए उद्योगों, स्थानीय रोजगार और उद्यमिता के विस्तार के रूप में कितना सामने आता है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।
