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सीएम विष्णु देव साय ने की “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” की शुरुआत, श्रमिक बच्चों को मिलेगा उज्ज्वल भविष्य

रायपुर, 10 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रमिक बच्चों के लिए “अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक समाज और विकास के लिए अपना पूरा जीवन लगा देता है, लेकिन अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए संसाधन और अवसर की कमी रहती है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा – “श्रमिक का बेटा या बेटी मजदूरी तक सीमित न रहे, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और समाज का नेतृत्व करने वाला बने। इसी सपने को पूरा करने के लिए हमारी सरकार ने यह योजना शुरू की है।”

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से योजना का लाभ 200 बच्चों तक बढ़ाया जाएगा। फिलहाल 100 श्रमिक बच्चों का दाखिला प्रदेश के 14 निजी आवासीय विद्यालयों में कराया गया है, जहाँ वे सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के अंतर्गत नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त करेंगे। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग उठाएगा।

इस मौके पर श्रमिक परिवारों और बच्चों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन का सपना पूरा करने जैसा है। “अब हमें बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं करनी पड़ेगी,” एक श्रमिक अभिभावक ने कहा।

श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि श्रम विभाग पहले से ही 70 से अधिक योजनाएँ संचालित कर रहा है और पिछले 20 महीनों में लगभग 600 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों को दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि “श्रमिक का बच्चा श्रमिक ही न रहे, बल्कि अधिकारी बने और देश की सेवा करे।”

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने इसे “श्रमिकों के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं” बताया और कहा कि अटल जी के सपनों को आगे बढ़ाते हुए यह योजना सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम, श्रम कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में श्रमिक परिवार और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।