Anganwadi केंद्र बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए दुर्ग नगर निगम के वार्ड क्रमांक 60 कातुलबोर्ड स्थित आंगनबाड़ी भवन में 28 सितंबर 2026 को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आंगन मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर अलका बाघमार रहीं। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। साथ ही बच्चों और गर्भवती माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
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Anganwadi कार्यकर्ताओं और मितानिनों का सम्मान
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की जमीनी व्यवस्था में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके माध्यम से स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पौष्टिक आहार और अन्य जागरूकता गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाया जाता है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। घर-घर जाकर परिवारों को पोषण और बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक करना भी इस कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत सरकार के मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत आंगनबाड़ी सेवाओं में पूरक पोषण, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं शामिल हैं।
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Anganwadi कार्यक्रम में पोषण पर विशेष जोर
कार्यक्रम में महापौर ने कहा कि यदि गर्भवती माता स्वस्थ रहती है तो आने वाली पीढ़ी के स्वस्थ विकास की नींव मजबूत होती है। उन्होंने सभी से सुपोषण के लिए मिलकर काम करने और बच्चों के भोजन में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
कुपोषण से निपटने के लिए केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज की भागीदारी भी जरूरी है। इसी जनभागीदारी को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार पोषण अभियान का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण संबंधी परिणामों में सुधार करना है। अभियान में समुदाय की भागीदारी और व्यवहार परिवर्तन पर भी जोर दिया जाता है।
गर्भवती माताओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन
आंगन मिलन कार्यक्रम के दौरान गर्भवती माताओं के लिए गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके माध्यम से मातृ स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
इसके अलावा छह माह की आयु पूरी कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। धात्री बच्चों के अन्नप्राशन के साथ उपस्थित माताओं और परिवारों को बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
पोषण 2.0 के तहत छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों तथा गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए पोषण सहायता का प्रावधान है।
पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री के माध्यम से पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
बच्चों के लिए खीर, पड़ी हलवा, केला, सलाद और लड्डू सहित विभिन्न खाद्य सामग्री वितरित की गई। माताओं को भी बच्चों के भोजन में विविध और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा को समुदाय तक पहुंचाना मिशन पोषण 2.0 का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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कुपोषण के खिलाफ जनभागीदारी का संदेश
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को जनभागीदारी के साथ और मजबूत बनाना होगा। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों के योगदान की सराहना करते हुए सुपोषण के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने की अपील की।
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद नीरा खिचरिया, रंजीता पाटिल, लोकेश्वरी ठाकुर, महिला एवं बाल विकास अधिकारी अनिता सिंह सहित विभागीय कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, मितानिन और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कातुलबोर्ड का यह Anganwadi कार्यक्रम पोषण, मातृ स्वास्थ्य और बाल स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम रहा। सम्मान, गोद भराई, अन्नप्राशन और पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी के जरिए परिवारों को बच्चों के बेहतर पोषण के प्रति जागरूक किया गया। कुपोषण के खिलाफ सामूहिक भागीदारी का संदेश कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र रहा।
