शिवनाथ के बढ़ते जल स्तर ने बढ़ाई मुसीबतें, जल भराव में फंसे ईट-भट्ठा व बाड़ी के काम कर रहे 11 मजदूरों का किया गया रेस्क्यू

Picsart 22 08 11 15 01 56 992
डांडेसरा में घर की छत पर फंसी महिला को सीढ़ी लगा कर निकाला गया सुरक्षित

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। शहर के पुलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवनाथ नदी में फंसे 11 मजदूरों को रेस्क्यू कर अब तक सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मजदूरों का रेस्क्यू करने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने उन्हें मौके से निकालने के बाद सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। रेस्क्यू किए गए व्यक्ति वहां ईट-भट्ठा व सब्जी-बाड़ी में मजदूरी का काम करते हैं।

बता दें कि शहर में बीते दिन हुई लगातार बारिश और मोंगरा जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जिसके चलते दुर्ग राजनांदगांव मार्ग पर स्थित पुराने पुल के उपर से भी पानी बहने लगा है। नदी का जल स्तर बढ़ने का असर तटों पर भी हुआ और तटों पर स्थित अधिकांश क्षेत्र जलमग्न हो गए है। इस विकट परिस्थिती शिवनाथ तट पर स्थित ग्राम भरदा में संचालित एक ईट-भट्ठा में काम करने वाले टोमन लाल ठाकुर पिता (ग्राम भरदा), सहदुल यादव (पश्चिम बंगाल), पारसनाथ यादव (उत्तर प्रदेश) तीन मजदूर जल भराव में फंस गए। बहाव तेज होने के कारण तीनों बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। प्रशासन को मजदूरों के नदी के किनारे बहाव में फंसे होने की जानकारी मिलने पर मौके पर एसडीआरएफ की टीम भेजी गई। टीम ने मोटर बोट की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

Picsart 22 08 11 15 00 47 498
डांडेसरा के सूखा नाला के पास से भुट्टा बाड़ी में फंसे पति-पत्नी का किया गया रेस्क्यू

इसी प्रकार नदी किनारे स्थित ग्राम डांडेसरा से भी 8 लोगों को बाढ़ के पानी से बाहर निकाला गया। यहां रेस्क्यू किए गए लोगों में रमेश (30 वर्ष) और रामपति (24 वर्ष) पति-पत्नी है। जो ग्राम के सूखा नाला के पास स्थित भुट्टा बाड़ी में काम करते है। डांडेसरा से ही सब्जी बाड़ी में काम करने वाले तथा घर की छत पर फंसे अन्य लोगों का भी एसडीआरएफ टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।