महिला समृद्धि सम्मेलन : प्रियंका गांधी ने कहा छत्तीसगढ़ महतारी के एक हाथ में संस्कृति का कलश औऱ दूसरे हाथ में है तकनीक

भिलाई (छत्तीसगढ़)। प्रियंका गांधी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व सेवाभावी सरकार काम कर रही है। वे आप सभी की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा यहां की महिलाओं से चर्चा करने पर गर्व महसूस हुआ। वे मुझसे कह रही थीं कि कुछ समूह ऐसे हैं जिन्होंने लाखों रुपए कमाये हैं। समूह से जुड़ने से कितनी अपनी तरक्की हो सकती है। यह सब सुनकर मुझे महसूस हुआ कि छत्तीसगढ़ महतारी के हाथ में संस्कृति का कलश है औऱ दूसरे हाथ में तकनीक है। गर्व इसलिए होता है कि भिलाई को लें या यहां के कार्यों को देखें तो यह अलग तरह का काम है।

यहां महिलाओं के लिए जितनी भी योजनाएं लाई गई हैं, यह ध्यान में रखकर लाई गई हैं कि महिलाएं इस देश की रीढ़ की हड्डी है। वे समाज का, परिवार का पूरा बोझ उठाती हैं। उन्होंने कहा आप सभी को सशक्त बनाने के लिए भूपेश बघेल की सरकार ने अनेक योजनाएं बनाईं। 10 लाख से अधिक महिलाएं समूहों से जुड़ी। उन्होंने उद्यम शुरू किया। अपने घर के लिए कुछ खरीदा। अपने उद्यम के लिए कुछ खरीदा। फिर इसके माध्यम से और उद्यम लाई। यह सब इसलिए हो रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार का आपके लिए विजन है। वे आपके आज और कल दोनों को बुलंद बनाना चाहते हैं।

प्रियंका गांधी आज भिलाई के जयंती स्टेडियम में आयोजित महिला समृद्धि सम्मेलन को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी खुद कह रहे थे कि घर परिवार दोनों की जिम्मेदारी आप निभा रही हैं। मैं जानती हूँ कि जो रात को सबसे आखिर में सोती हैं वो महिला हैं। जो हमारी संस्कृति है, उसूल है, हमारी अगली पीढ़ी का भविष्य महिलाएं बनाती हैं। उन्होंने कहा आपकी मेहनत और आपके जज्बे की यह मिसाल है। देश की उद्यमशीलता का यह प्रतीक है।

यहां महिलाओं की इस मीटिंग में खड़े होकर और भी गौरव इसलिए होता है क्योंकि मंच पर आने से पहले जब मैं यहां आई और एक-एक स्टाल देखा। मैंने आत्मनिर्भर महिलाएं देखी, उनमें आत्मविश्वास था। वे मुस्कुरा रही थीं कि सरकार ने उनके लिए कुछ किया। वे अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं। कई बहनों से मैंने यह पूछा कि आप क्या कर रही थीं इससे पहले। सबने कहा कि अभी यह अवसर मिला है। एक नौजवान डाक्टर हैं गांव गांव जाती हैं दवाओं का वितरण करती हैं। कुछ लड़कियां थी  जो गोबर की सामग्री बनाती हैं स्वसहायता समूहों से जुड़ी हैं।

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उन्होंने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का मानदेय  बढ़ाया। मितानिन बहनों का भी मानदेय बढ़ाया। दाई दीदी क्लिनिक आरंभ किया। आज निःशुल्क इलाज हो रहा है। महतारी जतन योजना एक ऐसी योजना है जिससे गर्भवती माताओं को अच्छा भोजन मिल रहा है। महिला स्वसहायता समूहों के करोड़ों रुपये के ऋण माफ किये गये। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से बड़ी मदद दी गई। मिशन क्लीन सिटी परियोजना के तहत हजारों महिलाएं कार्यरत हुईं। ऐसी कई योजनाएं प्रदेश सरकार ने मेरी बहनों के लिए लागू की।

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प्रियंका गांधी ने कहा आज बहुत महंगाई है। उससे कुछ हद तक छत्तीसगढ़ की जनता बच रही है। आजकल महंगाई इतनी बढ़ गई है कि आप पर बोझ बढ़ गया है। जब घर पर किसी तरह की विपत्ति आती है तो घबराहट होती है। इस बीच छत्तीसगढ़ की सरकार ने आपकी राहत के लिए और आपकी मदद के लिए बहुत से काम किये हैं।

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आज छत्तीसगढ़ का किसान बहुत खुश है। खेती उसके लिए लाभ का जरिया बन गया गया है। छत्तीसगढ़ में ही खेती करने वाले लोग बढ़ रहे हैं। धान की सबसे ज्यादा कीमत राजीव गांधी किसान न्याय योजना की वजह से यहीं मिल रही है। मिलेट जिसके बारे में कभी किसी ने सुना ही नहीं होगा, उसका कितना लाभ मिल रहा है। आपके प्रदेश का सम्मान हर रोज बढ़ रहा है।आवारा पशुओं की समस्या देश में हर जगह है। पूरी रात महिलाओं को अपने खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। यहां गौठानों की वजह से यह समस्या हल हुई है। मैं हर जगह कहती हूँ कि छत्तीसगढ़ माडल में यह समस्या हल होती है। उन्होंने कहा सरकार आते ही किसानों का कर्जमाफ हुआ। 5 लाख से अधिक वन पट्टे दिये गये। लाखों बीपीएल परिवारों का पांच लाख तक निःशुल्क इलाज हुआ है। कमजोर वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिल रही है।

प्रियंका गांधी ने कहा भिलाई से आधुनिक भारत की नींव डली। ये आपकी मेहनत, आपका जज्बा और आपकी पहचान की मिसाल है। देश की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता के सपने का प्रतीक है। आज जो भिलाई है वो इस पूरे देश के लिए मिसाल है। पूरे देश भर से यहां लोग आते हैं। एकजुट होकर आप यहां रहते हैं। आधुनिक भारत की नींव यहीं पर डली। पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ ऐसे महापुरुष थे जो आजादी के लिए लड़े। उन्हीं के उसूलों से यह देश लड़ा।

उन्होंने बताया मैं अपने पिता जी के साथ अमेठी के दौरे पर गई थी। वे खुद जीप चलाते गये। एक गांव में हम उतरे, कुछ लोगों से बातचीत करने लगे। एक महिला उन्हें जोरजोर से डांटने लगी। मुझे लगा कि मेरे पिता को कैसे डांट रही हैं। उसने कहा कि सड़क खराब है तुमने क्या किया है। यह उस समय की राजनीति है कि प्रधानमंत्री को तक एहसास होता था कि जनता के प्रति उसकी जिम्मेदारी है। मैंने अपने पिता से कहा कि बुरा नहीं लगा। मेरे पिता ने कहा कि नहीं उसका कर्तव्य था और मेरा भी कर्तव्य है कि हम सब अपने अपने काम करें।