Skip to main content

4thnation

छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र में पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और पूर्व मंत्री सुरेन्द्र बहादुर सिंह को दी गई श्रद्धांजलि

रायपुर 14 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र आज 14 जुलाई 2025 को शुरू हो गया, जो आगामी 18 जुलाई तक चलेगा। सत्र की शुरुआत पारंपरिक रूप से प्रश्नकाल के साथ हुई, जिसके बाद सदन में निधन उल्लेख किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और अविभाजित मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।


शेखर दत्त को भावभीनी श्रद्धांजलि

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शेखर दत्त के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि “शेखर दत्त बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। वे प्रशासनिक कुशलता, सैन्य सेवा और संवैधानिक पदों पर रहते हुए एक मिसाल थे। उनका जाना पूरे देश और छत्तीसगढ़ के लिए अपूर्णीय क्षति है।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा, “दिवंगत शेखर दत्त ने सेना में सेवा देते हुए देश का गौरव बढ़ाया। बतौर IAS अधिकारी उन्होंने प्रशासनिक कुशलता दिखाई और राज्यपाल रहते छत्तीसगढ़ में उल्लेखनीय योगदान दिया। पूरे प्रदेश की ओर से मैं उन्हें नमन करता हूं।”

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी शेखर दत्त को याद करते हुए कहा कि “वे एक सरल, सहज और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी थे। उनका योगदान अमिट रहेगा।”

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “शेखर दत्त बड़े-बड़े पदों पर रहे, लेकिन कभी अपने पद का घमंड नहीं किया। उनका व्यवहार हर किसी को प्रभावित करता था।”


पूर्व मंत्री राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह को भी किया गया याद

सदन में अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह के निधन का भी उल्लेख किया गया। विधायकगणों ने उनके सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक सेवाओं को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

केदार कश्यप ने कहा, “देश ने एक कर्मठ और समर्पित जनसेवक को खो दिया है। उनका जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक था।”


समापन

सदन में हुए निधन उल्लेख के दौरान सभी पक्षों के नेताओं ने दिवंगत नेताओं के योगदान को याद किया और एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस सत्र की शुरुआत भले ही शोक प्रस्ताव से हुई हो, लेकिन यह क्षण छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक चेतना में उन महान विभूतियों को ससम्मान याद करने का अवसर बना।