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छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने ‘राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ को दी मंजूरी, प्रदेश बनेगा लॉजिस्टिक्स और निर्यात का हब

रायपुर, 1 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को लॉजिस्टिक्स और निर्यात के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को ‘राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ को मंजूरी दे दी है। यह नीति एक समग्र ढांचा है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और निर्यात क्षमताओं को सशक्त करना है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह नीति भारत सरकार की राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के अनुरूप तैयार की गई है और इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।

रणनीतिक स्थिति बनेगी छत्तीसगढ़ की ताकत

छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति – भारत के केंद्र में स्थित – इसे अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों के लिए रणनीतिक रूप से अनुकूल बनाती है। नीति का लाभ उठाते हुए सरकार ड्राई पोर्ट्स और इनलैंड कंटेनर डिपो के विकास पर जोर दे रही है, जिससे MSME इकाइयों और स्थानीय उत्पादकों को घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

नई नीति के तहत मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, और डिजिटल लॉजिस्टिक्स सिस्टम में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे उत्पादन क्षेत्रों और वितरण केंद्रों के बीच सुगम संपर्क स्थापित होगा, जिससे ट्रांजिट समय घटेगा और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता बढ़ेगी।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को मिलेगा आकर्षण

राज्य सरकार की इस नीति में लैंड फेसीलिटेशन और टार्गेटेड इंसेंटिव्स का प्रावधान है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कंपनियों के साथ-साथ ई-कॉमर्स कंपनियों को भी छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित किया जा सकेगा।

कृषि, वनोपज और आदिवासी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

नीति के तहत कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग क्षमता का विस्तार किया जाएगा, जिससे फसल के बाद नुकसान को कम किया जा सके और भंडारण लागत घटाई जा सके। यह विशेष रूप से बस्तर, सुरगुजा जैसे वन बहुल क्षेत्रों के कृषि और वनोत्पादक, औषधीय पौधों, लघु वनोपज, और आदिवासी हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने में सहायक होगा।

रोजगार सृजन में मिलेगी मजबूती

लॉजिस्टिक्स नीति का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य रोजगार के अवसरों का सृजन है। नीति के तहत परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग, और आईटी आधारित लॉजिस्टिक्स सेवाओं में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।

सतत विकास को मिलेगा बढ़ावा

सरकार की यह नीति ईंधन-कुशल परिवहन, पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग, और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को बढ़ावा देकर पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की दिशा में भी कारगर साबित होगी।

राज्य सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक्स, कृषि-निर्यात और उद्योग क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।