Sujashan Tihar के दौरान दुर्ग जिले के उतई क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। क्षेत्र के निवासी सतीश पारख ने अधिकारियों को आवेदन देकर आहता सेंटरों में पानी पाउच और डिस्पोजल की अवैध बिक्री पर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों के विपरीत खुलेआम पानी पाउच और डिस्पोजल सामग्री बेची जा रही है, जिससे पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
⚠️ Sujashan Tihar में बड़ा खुलासा
दुर्ग के आहता सेंटरों में अवैध डिस्पोजल और पानी पाउच बिक्री के आरोप।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग।
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Sujashan Tihar: आहता सेंटरों में नियमों की अनदेखी
जानकारी के अनुसार उतई सहित दुर्ग जिले के कई आहता सेंटरों में नियमों के खिलाफ पानी पाउच और डिस्पोजल सामग्री की खुलेआम बिक्री हो रही है।
शासन के नियमों के मुताबिक आहता सेंटरों में इस तरह की सामग्री बेचने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद इन वस्तुओं की अनाप-शनाप कीमतों पर बिक्री की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन डिस्पोजल सामग्री का वेस्ट पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।
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आबकारी विभाग पर मिलीभगत के आरोप
Sujashan Tihar के दौरान दिए गए आवेदन में आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह की गतिविधियां संभव नहीं हैं।
लाइसेंस रद्द करने का है प्रावधान
नियमों के अनुसार यदि किसी आहता सेंटर में अवैध गतिविधियां पाई जाती हैं तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
इसके बावजूद कथित रूप से नियमों को नजरअंदाज कर खुलेआम डिस्पोजल और पानी पाउच की बिक्री जारी है।
Sujashan Tihar में शराब बिक्री को लेकर भी शिकायत
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई शराब दुकानों में प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत पर बियर और शराब बेची जा रही है।
इसके अलावा कुछ बारों में पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के बावजूद लाइसेंस जारी किए जाने का भी मुद्दा उठाया गया है।
ब्रांडेड शराब को लेकर भी आरोप
आवेदन में दावा किया गया कि कई स्थानों पर ब्रांडेड अंग्रेजी शराब को कोचियों और बार संचालकों को प्राथमिकता से दिया जाता है, जबकि आम लोगों को दूसरे ब्रांड की शराब लेने के लिए मजबूर किया जाता है।
इन आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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होटल और ढाबों में अवैध शराब परोसने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दुर्ग जिले के कई होटल और ढाबों में अवैध तरीके से शराब पिलाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इन स्थानों से विभाग को मासिक भुगतान किए जाने की चर्चा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक डिस्पोजल और पानी पाउच का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
प्लास्टिक कचरे से बढ़ रही समस्या
- जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं
- पशुओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है
- मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है
- प्लास्टिक कचरा तेजी से बढ़ रहा है
ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
Excise Department Chhattisgarh और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने कहा है कि प्रशासन को अपनी ईमानदारी साबित करते हुए सभी ढाबों, बार और आहता सेंटरों की जांच करनी चाहिए।
डिस्पोजल और पानी पाउच पर प्रतिबंध की मांग
नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डिस्पोजल और पानी पाउच पर सख्त प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पर्यावरणीय नुकसान और बढ़ सकता है।
Sujashan Tihar के दौरान उठे ये मुद्दे पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करते हैं। आहता सेंटरों में अवैध डिस्पोजल बिक्री और शराब नियमों के उल्लंघन के आरोपों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
