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छत्तीसगढ़ राज्य में जाति विहीन समाज का खूबचंद बघेल का सपना अब भी अधूरा : राजकुमार गुप्त

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दुर्ग (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने डा. खूबचंद बघेल के 121वें जन्म दिन पर तीर्थराज पैलेस में जयंती समारोह का आयोजन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार गुप्त ने कहा कि डा. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाए जाने के शिल्पकार थे। यह सभी जानते हैं वे एक समाज सुधारक भी थे और जातियों के भेद को समाप्त करके एक छत्तीसगढिय़ा समाज बनाना चाहते थे। यह बात कम लोग ही जानते हैं और यदि जानते भी हैं तब जानबूझकर बघेल के इस पहलू को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं। बघेल अच्छी तरह जानते थे कि जातिविहीन छत्तीसगढिय़ा समाज बनाए बिना छत्तीसगढ़ राज्य के लक्ष्य को प्राप्त करना दुरूह कार्य होगा।
मंच के अध्यक्ष राजकुमार गुप्त ने छत्तीसगढ़ के जातीय समाजों को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि अंतर फिरका विवाह करने के कारण जिन लोगों ने बघेल को दंडित किया था वही लोग अंतर्जातीय विवाह करने वालों को दंडित करके बघेल के सपनों को पूरा करने में आज भी बाधा खड़ी कर रहे हैं। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए अतिथि वक्ता एक्टू के महासचिव श्यामलाल साहू ने कहा कि बघेल के छत्तीसगढिय़ा वाद का असली मकसद एक शोषण विहीन राज्य बनाना था। जहां न कोई शोषक हो और न शोषित, बघेल के सपनों का छत्तीसगढ़ राज्य बनाना अभी बाकी है, जयंती समारोह को मंच के प्रदेश महासचिव पूरनलाल साहू, युवा स्वाभिमान मंच के प्रदेश संयोजक रऊफ खान के अलावा मुम्बई में फिल्म निर्देशक राजू हिरवानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में रूपनारायण साहू, अक्षय साहू, अरूण सार्वा, सुधेन्दु गुप्ता, प्रकाश निर्मलकर, मुश्ताक हाशमी, जितेंद्र सपहा, रवि ठाकुर, शुभम रंगारी, घनेश्वर साहू, वीरेंद्र देवांगन, लालू वर्मा, आश्विन बोरकर, सोमज यादव, मीराज अली, अमित हिरवानी मौजूद थे।