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दिल्ली में SSC परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, जताया विरोध

नई दिल्ली, 01 अगस्त 2025
SSC Selection Post Phase 13 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अव्यवस्थाओं को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। हजारों छात्र और शिक्षक “दिल्ली चलो” के आह्वान पर जंतर-मंतर पहुंचे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

छात्रों और शिक्षकों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान भारी प्रशासनिक लापरवाही, तकनीकी खामियां और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई ने उनके भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है।

मुख्य आरोप और समस्याएं:

  • परीक्षा केंद्र अचानक निरस्त कर दिए गए
  • सर्वर बार-बार क्रैश हुआ और सिस्टम जाम हो गए
  • 500 किमी दूर के परीक्षा केंद्र, जिनमें कई असुरक्षित क्षेत्रों में स्थित थे
  • कई स्थानों पर निचली मंजिलों पर मवेशियों की मौजूदगी
  • खराब उपकरण जैसे न चलने वाला माउस, हैंग होते सिस्टम
  • शिकायत उठाने पर बाउंसरों द्वारा डराया गया

एक शिक्षक ने बताया कि SSC निदेशक से हुई बैठक में स्वयं अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्हें परीक्षा से जुड़ी 55,000 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

उन्होंने सवाल किया कि, “अगर 3 लाख परीक्षार्थियों में से 55,000 को समस्या हुई है, तो आने वाली SSC-CGL परीक्षा (13 अगस्त से शुरू) का प्रबंधन कैसे होगा?”

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन का ठेका एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को दिया गया है। एक छात्र ने कहा, “हम हजारों रुपये खर्च कर सेंटर पहुंचते हैं और पता चलता है कि परीक्षा रद्द हो गई है। न तो कोई सूचना दी जाती है और न ही कोई पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया बताई जाती है।”

प्रदर्शनकारी यह जानना चाहते हैं कि परीक्षा केंद्रों में बाउंसरों की क्या जरूरत है

इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। #SSC_System_Sudharo, #SSCMisManagement और #SSCVendorFailure जैसे हैशटैग्स ट्रेंड करने लगे।

इस आंदोलन को राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) का भी समर्थन मिला। NSUI अध्यक्ष वरुण चौधरी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और केंद्र सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

NSUI ने SSC को पत्र सौंपते हुए उच्च स्तरीय जांच, ठेकेदार की जवाबदेही और भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और उग्र होगा।