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हैदराबाद में 38 वर्षीय डॉक्टर की आत्महत्या: US वीज़ा रिजेक्शन और टूटे रिश्ते ने ली जान

हैदराबाद के पद्माराव नगर में एक दर्दनाक घटना ने रविवार को पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 38 वर्षीय डॉक्टर रोहिणी, जो मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की निवासी थीं, ने US वीज़ा रिजेक्शन और टूटी शादी की उम्मीद के चलते आत्महत्या कर ली। यह घटना भले ही गुरुवार रात हुई हो, लेकिन मामला दो दिन बाद सामने आया।


US वीज़ा रिजेक्शन के बाद टूट गई थीं डॉक्टर की उम्मीदें

चिलकलगुड़ा पुलिस के अनुसार, डॉक्टर रोहिणी पिछले आठ सालों से पद्माराव नगर में अकेली रह रही थीं। रूस से MBBS करने के बाद उनका सपना था कि वह US में अपनी खुद की क्लिनिक खोलें। कुछ समय पहले ही उनका US वीज़ा रिजेक्ट हो गया था, जिसके बाद से वह काफी उदास रहने लगी थीं।

पुलिस ने बताया कि रोहिणी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि लगातार असफलताएँ—वीज़ा रिजेक्शन और हाल ही में टूटा शादी का प्रस्ताव—उन्हें अंदर से तोड़ चुका था।


डॉक्टर का दरवाजा न खुलने पर हुई शंका

गुरुवार रात जब परिवार के सदस्य घर से निकल गए, तो डॉक्टर रोहिणी अपने फ्लैट में अकेली थीं। रात भर किसी ने उन्हें नहीं देखा।

शुक्रवार को कुछ डिलीवरी बॉय उनके फ्लैट पहुँचे, लेकिन न फोन उठा और न ही दरवाजा खुला।
अपार्टमेंट के वॉचमैन ने भी जब लगातार कोई हरकत न देखी, तो उसने परिवार को सूचना दी।

जब दरवाजा तोड़ा गया, तो डॉक्टर रोहिणी अपने बिस्तर पर मृत पाई गईं। पुलिस ने मामले को BNS की धारा 194 (संदिग्ध मृत्यु) के तहत दर्ज किया।


परिवार ने गुंटूर में किया अंतिम संस्कार

पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव को परिवार को सौंप दिया, जिसे बाद में गुंटूर ले जाया गया।
पुलिस का कहना है कि रोहिणी पिछले कुछ महीनों से तनाव और अकेलेपन से जूझ रही थीं, और वीज़ा रिजेक्शन ने उनकी मानसिक स्थिति और बिगाड़ दी थी।

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मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि

  • मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है,
  • वीज़ा, करियर और व्यक्तिगत रिश्तों का दबाव लोगों को कितना गहरा प्रभावित कर सकता है।

यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो विशेषज्ञ से सलाह लें, बात करें और मदद मांगने में संकोच न करें।