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कोलकाता में ऑफिस स्पेस लीजिंग का रिकॉर्ड उछाल, 2025 की तीसरी तिमाही में 6 लाख वर्गफुट लीज — आईटी सेक्टर बना सबसे बड़ा ड्राइवर

कोलकाता, 07 अक्टूबर 2025। Kolkata office space leasing :
कोलकाता इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े ऑफिस स्पेस लीजिंग बूम का गवाह बन रहा है। वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में शहर में लगभग 6 लाख वर्गफुट ऑफिस स्पेस लीज हुआ है।
साल के पहले नौ महीनों में यह आंकड़ा 1.5 मिलियन वर्गफुट (15 लाख वर्गफुट) तक पहुंच गया है — जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है।


💻 आईटी सेक्टर बना प्रमुख इंजन

इस जबरदस्त वृद्धि में प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र की सबसे बड़ी भूमिका रही है।
CBRE की रिपोर्ट के अनुसार, कुल लीज हुए स्पेस का 60 प्रतिशत हिस्सा IT कंपनियों ने लिया है।
इसके अलावा, रिसर्च, कंसल्टिंग और एनालिटिक्स कंपनियों का योगदान लगभग 14 प्रतिशत, और फ्लेक्सिबल स्पेस ऑपरेटर्स का लगभग 11 प्रतिशत रहा।

CREDAI कोलकाता के अध्यक्ष अपूर्व सालारपुरिया ने कहा,

“कोलकाता इस वर्ष 2 मिलियन वर्गफुट वार्षिक लीजिंग पार करने की ओर बढ़ रहा है। यदि यह लक्ष्य इस साल नहीं पूरा हुआ, तो निश्चित रूप से अगले वर्ष होगा। कई IT कंपनियाँ अब अपने कर्मचारियों को कोलकाता में ही काम करने का अवसर देना चाहती हैं।”


🏗️ कमर्शियल डेवलपमेंट में चुनौतियाँ

हालांकि मांग मजबूत है, लेकिन ग्रेड-A ऑफिस स्पेस की कमी बाजार की सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है।
किराया और बिक्री दरें अभी भी अन्य महानगरों जैसे बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR की तुलना में कम हैं।
डेवलपर्स का ध्यान अब रेज़िडेंशियल प्रोजेक्ट्स पर अधिक है क्योंकि वहां मूल्य अधिक और लाभ बेहतर हैं।

CREDAI वेस्ट बंगाल के अध्यक्ष सुशील मोहता ने कहा,

“अगले वर्ष प्रति वर्गफुट कीमतें पाँच अंकों तक पहुँच सकती हैं, जिससे डेवलपर्स को कुछ राहत मिलेगी।”


🇮🇳 भारत का रिकॉर्ड प्रदर्शन

राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने 2025 के पहले नौ महीनों में 59.6 मिलियन वर्गफुट ऑफिस स्पेस लीज किया है, जो अब तक का सर्वाधिक है।
इसमें बेंगलुरु 25% (15.1 मिलियन वर्गफुट) के साथ शीर्ष पर है,
इसके बाद मुंबई (10.6 मिलियन वर्गफुट) और दिल्ली-NCR (10.2 मिलियन वर्गफुट) हैं।
तीनों शहर मिलकर देश की कुल लीजिंग गतिविधि का 61 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं।

CBRE इंडिया के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमन मैगज़ीन ने कहा,

“यह रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र की मजबूती और बदलती प्रवृत्तियों को दर्शाता है। कंपनियाँ अब उच्च गुणवत्ता और भविष्य के अनुकूल स्पेस की ओर बढ़ रही हैं।”

🌍 GCCs बना रहे हैं मांग का नया आधार

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) देश में ऑफिस स्पेस की मांग का नया आधार बन गए हैं।
CBRE इंडिया के लीजिंग निदेशक राम चंदनानी ने कहा,

“GCCs कुल ऑफिस लीजिंग का 35-40% हिस्सा बनाए रखेंगे। अभी अमेरिकी कंपनियाँ इसमें अग्रणी हैं, लेकिन EMEA और APAC क्षेत्र से भी तेजी से रुचि बढ़ रही है।”


🔍 कोलकाता की ओर लौटता टैलेंट

विशेषज्ञों का मानना है कि कोलकाता की यह बढ़त केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भावनात्मक भी है।
कई तकनीकी कंपनियाँ अब अपने कर्मचारियों को उनके होम सिटी में काम करने का अवसर दे रही हैं। इससे स्थानीय रोजगार, बुनियादी ढाँचे और शहरी विकास — तीनों को गति मिल रही है।