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भारत में एक बार फिर बढ़े कोविड-19 के मामले, नए वेरिएंट्स NB.1.8.1 और LF.7 से सतर्कता बढ़ी

नई दिल्ली | 26 मई 2025
भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 डैशबोर्ड के अनुसार, 1,000 से अधिक सक्रिय मामले देशभर में मौजूद हैं, जिनमें 752 हाल ही में पॉजिटिव पाए गए हैं।

केरल सबसे अधिक 430 सक्रिय मामलों के साथ पहले स्थान पर है, इसके बाद महाराष्ट्र (209), दिल्ली (104), गुजरात (83), तमिलनाडु (69), कर्नाटक (47), उत्तर प्रदेश (15), राजस्थान (13), पश्चिम बंगाल (10), और मध्य प्रदेश (2) का स्थान है। यह बढ़ोतरी आंशिक रूप से बेहतर टेस्टिंग का भी परिणाम मानी जा रही है।

19 मई के बाद से अब तक सात कोविड से जुड़ी मौतें दर्ज की गई हैं—चार महाराष्ट्र में, दो केरल में और एक कर्नाटक में। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय से अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।

देश में यह बढ़ोतरी दो नए वेरिएंट—NB.1.8.1 और LF.7—के कारण मानी जा रही है, जो 2023 से सक्रिय JN.1 वेरिएंट से उत्पन्न हुए हैं। INSACOG (इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम) के मुताबिक, भारत में अब तक NB.1.8.1 के एक और LF.7 के चार मामलों की पुष्टि हुई है।

WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने इन दोनों वेरिएंट्स को ‘Variants Under Monitoring’ की श्रेणी में रखा है, यानी इन्हें अभी गंभीर चिंता का विषय नहीं माना गया है।

ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और Integrated Disease Surveillance Program (IDSP) के माध्यम से निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया, “फिलहाल मामलों की गंभीरता कम है, घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार सतर्क और पूरी तरह तैयार है।”

शनिवार को स्वास्थ्य सचिव पुण्य शालिनी श्रीवास्तव ने ICMR, DGHS और NCDC जैसे प्रमुख स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें बताया गया कि अधिकांश मामले हल्के हैं और मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजीव जयदेवन ने चेतावनी दी कि लोग स्व-चिकित्सा और एंटीबायोटिक्स के उपयोग से बचें, भले ही लक्षण हल्के हों।

इस बीच, Agilus Diagnostics, लाल पैथ लैब्स, डॉ डैंग लैब और रेडक्लिफ लैब्स जैसी प्रमुख डायग्नोस्टिक चेन ने मई 2025 की शुरुआत से कोविड-19 जांच में वृद्धि दर्ज की है।