Pakistan launched air strikes के बाद अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गई है। संयुक्त राष्ट्र के अफगान मिशन (UNAMA) के अनुसार, रविवार को पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों और जमीनी कार्रवाई में कम से कम 28 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 49 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।
Pakistan launched air strikes: क्या हुआ?
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों के सीमावर्ती इलाकों में हवाई हमले किए। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में जमीनी सैन्य कार्रवाई भी की गई।
तालिबान सरकार का आरोप है कि हमलों में नागरिक घरों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी जनहानि हुई। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और इस अभियान में 29 आतंकवादी मारे गए।
दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
सबसे अधिक नुकसान पक्तिया प्रांत में
तालिबान अधिकारियों के मुताबिक सबसे अधिक नुकसान पक्तिया प्रांत के मंडोखेल गांव में हुआ।
स्थानीय निवासी आदम खान ने बताया कि अस्पताल में घायल बच्चों और उनके परिजनों की स्थिति बेहद दर्दनाक थी। उनके अनुसार एक घर पर हुए हमले में सो रहे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी मारे गए।
तालिबान सरकार ने दावा किया है कि वास्तविक मृतकों की संख्या 36 है, जबकि 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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Pakistan launched air strikes पर पाकिस्तान का पक्ष
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई हाल में हुए आतंकी हमलों के जवाब में की गई।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 29 आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल ऐसे आतंकी संगठन कर रहे हैं जो सीमा पार हमले करते हैं।
हालांकि तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है।
सीमा पर तनाव क्यों बढ़ रहा है?
अक्टूबर में दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) हुआ था, लेकिन हाल के महीनों में यह लगभग समाप्त हो चुका है।
शनिवार को कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर आत्मघाती हमले में तीन जवानों की मौत हो गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली, जिसे पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र दोनों प्रतिबंधित संगठन मानते हैं।
पाकिस्तान का दावा है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में एक अफगान नागरिक भी शामिल था। इसके बाद अगले ही दिन सीमा पार सैन्य कार्रवाई की गई।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय चिंता
संयुक्त राष्ट्र के अफगान मिशन (UNAMA) ने नागरिकों की मौत पर गंभीर चिंता जताई है। मिशन के अनुसार शुरुआती जांच में 28 नागरिकों की मौत और 49 घायल होने की पुष्टि हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सीमा पर इसी तरह सैन्य कार्रवाई जारी रही तो दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है, जिसका सबसे अधिक असर सीमावर्ती नागरिकों पर पड़ेगा।
Pakistan launched air strikes के बाद संभावित प्रभाव
लगातार हो रहे हवाई हमले और सीमा संघर्ष क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि दोनों देश कूटनीतिक वार्ता की ओर नहीं लौटते, तो भविष्य में नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। इसके अलावा आतंकवाद विरोधी अभियानों और सीमा सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में और अधिक तनाव आने की आशंका है।
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Pakistan launched air strikes की घटना ने एक बार फिर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने नागरिकों की मौत पर चिंता जताई है, जबकि पाकिस्तान और तालिबान एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और दोनों देशों की कूटनीतिक पहल यह तय करेगी कि क्षेत्र में तनाव कम होगा या संघर्ष और गहराएगा।
