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नकली नाबार्ड टेंडर घोटाले में फरार आरोपी सुदीप मंडल गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

रायगढ़, 24 अगस्त 2025।
चक्रधरनगर पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे आरोपी सुदीप मंडल (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम खोखरी की महिला अनिता साहू की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें लाखों रुपये की ठगी का आरोप दर्ज कराया गया था।

कैसे हुआ था ठगी का खेल

शिकायत के अनुसार, असीम कृपा फाउंडेशन के संचालक रंजीत चौहान ने नवंबर 2024 में महानदी एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को यह विश्वास दिलाया कि उनकी कंपनी को नाबार्ड का 6 करोड़ रुपये का बड़ा टेंडर मिला है। भरोसा दिलाने के लिए उसने टेंडर की नकली प्रति और 50 लाख रुपये का चेक भी दिखाया। चौहान ने कहा कि आर्डर के पहले 50 लाख रुपये जमा करने होंगे।

विश्वास में आकर कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 27 लाख रुपये फाउंडेशन के खाते में और 23 लाख रुपये नगद दे दिए। बाद में जांच में यह पूरा टेंडर और दस्तावेज फर्जी साबित हुए।

मामला दर्ज और आरोपियों की गिरफ्तारी

21 मई को थाना चक्रधरनगर में इस मामले पर धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। आगे की विवेचना में टेंडर जाली निकलने पर धारा 336(3), 338, 340(2) बीएनएस भी जोड़ी गई।

मुख्य आरोपी रंजीत चौहान को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, सह-आरोपी सुदीप मंडल, निवासी सुभाष नगर, बंगाली कॉलोनी रायगढ़, लंबे समय से फरार था। पुलिस की लगातार तलाश के बाद 22 अगस्त को उसे पकड़ा गया और रविवार को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

लोगों को सीख

यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि बड़े-बड़े ऑफर और सरकारी टेंडरों के नाम पर फर्जीवाड़ा किस तरह लोगों को जाल में फंसा सकता है। ठगी का शिकार हुई कंपनी और उसके सदस्यों के लिए यह घटना एक गहरी चोट की तरह है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।