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मामा-भांजे पर चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपी को अदालत ने किया कुल 8 साल के कारावास से दंडित

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। घर लौट रहे मामा-भांजे पर चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपी को अदालत ने कुल 8 वर्ष के कारावास से दंडित करने का फैसला सुनाया है। आरोपी ने रिक्शा को रास्ते से हटाने के मामूली विवाद पर चाकूबाजी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना की रात दोनों घायल अपनी बीमार मां व बहन को देखने गांव जा रहे थे। दोषी अभियुक्त इससे पूर्व भी हत्या और कैद से भागने के आरोप में आजीवन कारावास से दंडित किया जा चुका है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय जायसवाल की अदालत में आज सुनाया गया। अभियुक्त को पांच सौ रुपये के अर्थदण्ड से भी दंडित किया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक बालमुकुंद चंद्राकर ने पैरवी की थी।

वारदात 19 जनवरी 2021 की रात लगभग 8.30 बजे जामुल थाना अंतर्गत घटित हुईं थीं। घायल शुभम अपनी बीमार मां रेश्मा उमरे को देखने अपने मामा भागीरथी उर्फ जीवा उमरे के साथ ग्राम ढौर जा रहे थे। दोनों सुपेला में काम करते हैं और कुरूद होते हुए गांव जा रहे थे। मेहता बाड़ी के पास आरोपी राजेश साहू (39 वर्ष) अपने रिक्शे को अडा कर खड़ा था। आसपास ने निकलने की जगह न होने रिक्शा हटाने कहने पर आरोपी ने रिक्शा हटाने से इंकार कर दिया। जिस पर शुभम रास्ते से रिक्शा को हटाने लगा। इससे नाराज राजेश ने गाली-गलौज करते हुए शुभम पर चाकू से हमला कर दिया। घायल शुभम को बचाने उसका मामा जीवा मौके पर पहुंचे तो आरोपी ने उन पर भी चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया। घायलों को उपचार के लिए दुर्ग जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां मामा जीवा की गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर मेकाहारा रेफर कर दिया गया था।

इस मामले में पुलिस ने रामनगर (वैशाली नगर राजेश साहू के खिलाफ हत्या के प्रयास का अपराध पंजीबद्ध करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रकरण को विचारण के लिए विवेचना पश्चात अदालत के समक्ष पेश किया गया था। प्रकरण पर विचारण जिला सत्र न्यायाधीश संजय जायसवाल की अदालत में किया गया। विचारण पश्चात अभियुक्त राजेश साहू (39 वर्ष) को हत्या के प्रयास तथा तेजधार हथियार से हमला करने का दोषी करार दिया गया। अभियुक्त को दफा 307 के तहत 7 वर्ष के कारावास व दफा 324 के तहत एक वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। विचारण के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य भी सामने आया कि अभियुक्त आदतन अपराधी है और इससे पहले दफा 304 (2) तथा कस्टडी से भागने आरोप में दफा 224 के तहत दोषी करार दिया जा चुका है।