VB-G RAM G योजना के तहत दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिली है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत पाटन के ग्राम उपरपोटे और सेलूद में कुल ₹25.57 लाख के विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उपयोगी और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इससे स्थानीय श्रमिकों को काम मिलेगा और विद्यार्थियों, दिव्यांगजनों तथा ग्रामीणों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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VB-G RAM G के तहत उपरपोटे में स्कूल के दो कक्ष
ग्राम उपरपोटे के सामुदायिक सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जाएगा। जिला पंचायत दुर्ग के प्रशासनिक स्वीकृति आदेश के अनुसार प्रत्येक कक्ष के लिए ₹7.09 लाख मंजूर किए गए हैं।
इस तरह दोनों कक्षों के निर्माण के लिए कुल ₹14.18 लाख की राशि स्वीकृत हुई है। प्रत्येक कक्ष की स्वीकृत राशि में ₹1.38 लाख मजदूरी और ₹5.71 लाख सामग्री मद शामिल है।
दोनों कक्षों के लिए कुल ₹2.76 लाख मजदूरी तथा ₹11.42 लाख सामग्री पर खर्च किए जाएंगे। नए कक्ष बनने से स्कूल में विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध होगी और पढ़ाई का वातावरण बेहतर होने की उम्मीद है।
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VB-G RAM G से विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा
स्कूलों में पर्याप्त कक्ष उपलब्ध होना शिक्षण गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए जरूरी है। उपरपोटे में स्वीकृत अतिरिक्त कक्षों से स्कूल की कक्षीय व्यवस्था मजबूत होगी।
इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए सुविधाजनक स्थान मिलेगा। साथ ही विद्यालय की मौजूदा व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव भी कम होगा।
सेलूद में दिव्यांगों के लिए बहु-कार्य शौचालय
ग्राम पंचायत सेलूद में भी ₹11.39 लाख के विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी मिली है। इसमें दिव्यांगजनों के लिए बहु-कार्य शौचालय निर्माण पर ₹4.30 लाख खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा सेलूद में एक अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए ₹7.09 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्र में जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
दिव्यांगजनों के लिए सुविधाजनक शौचालय का निर्माण ग्रामीण अधोसंरचना को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं अतिरिक्त कक्ष से संबंधित संस्था की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।
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VB-G RAM G से रोजगार के साथ बनेगी टिकाऊ परिसंपत्ति
VB-G RAM G का उद्देश्य केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार देना ही नहीं है, बल्कि रोजगार को टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ना भी है। केंद्र सरकार के अनुसार नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है।
योजना में जल संबंधी कार्य, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां और अत्यधिक मौसम की घटनाओं से निपटने वाले कार्यों पर भी जोर दिया गया है।
पाटन में स्वीकृत कार्य इसी व्यापक सोच के अनुरूप ग्रामीण जरूरतों को पूरा करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
समय-सीमा में काम पूरा कराने पर जोर
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ उपयोगी और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उपरपोटे और सेलूद में स्वीकृत कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही विद्यार्थियों, दिव्यांगजनों और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार गुणवत्तापूर्वक और समय-सीमा में पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है। जनपद पंचायत पाटन की ओर से इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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VB-G RAM G से ग्रामीण विकास को नई दिशा
केंद्र सरकार ने VB-G RAM G अधिनियम को 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू किया है। इसके तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। सरकार के अनुसार योजना रोजगार, आजीविका सुरक्षा और टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण को एक साथ आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
छत्तीसगढ़ के लिए भी केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 में VB-G RAM G के तहत ₹3,354.85 करोड़ का अंतरिम आवंटन बताया है।
पाटन के उपरपोटे और सेलूद में VB-G RAM G के तहत ₹25.57 लाख के कार्यों की स्वीकृति से ग्रामीण विकास और रोजगार दोनों को गति मिलने की उम्मीद है। स्कूल के अतिरिक्त कक्ष, दिव्यांगों के लिए बहु-कार्य शौचालय और अन्य निर्माण कार्य स्थानीय जरूरतों को पूरा करेंगे। रोजगार को स्थायी परिसंपत्तियों से जोड़ने की VB-G RAM G की सोच गांवों में लंबे समय तक उपयोगी सुविधाएं विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
