छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित सेक्स सीडी कांड की सुनवाई मंगलवार को रायपुर कोर्ट में हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोर्ट में पेश हुए और हाजिरी लगाने के बाद विधानसभा के लिए रवाना हो गए।
विनोद वर्मा और अन्य आरोपी कोर्ट में पेश
इस मामले में कांग्रेस सरकार में राजनीतिक सलाहकार रहे विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका समेत अन्य आरोपी भी कोर्ट में पेश हुए।
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- कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी किया था।
- बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि सीबीआई ने अपनी बहस पूरी कर ली है और अब 4 मार्च को बचाव पक्ष अपनी दलीलें पेश करेगा।
सीबीआई ने कोर्ट में क्या कहा?
सीबीआई ने बताया कि 2017 में बॉम्बे में मानस साहू नामक व्यक्ति ने सीडी बनाई थी।
- इसके लिए करीब 95,000 रुपये का लेन-देन हुआ था।
- सीडी बनने के एक साल बाद इसे दिल्ली में कॉपी किया गया।
सात साल पुराना मामला
यह मामला 27 अक्टूबर 2017 को सामने आया था, जब एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ।
- कांग्रेस ने दावा किया कि वीडियो में दिख रहा चेहरा भाजपा सरकार के तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत का है।
- मंत्री मूणत ने इसे फर्जी बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
- इसके बाद रायपुर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज हुआ।
- पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था।
भूपेश बघेल की गिरफ्तारी और राजनीतिक विवाद
सितंबर 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- इसके बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारी हलचल मच गई थी।
सीबीआई को सौंपा गया मामला
17 नवंबर 2017 को कांग्रेस की मांग पर यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
- सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल कर मामले की पुष्टि की और बताया कि सीडी को मुंबई के एक स्टूडियो में तैयार किया गया था।
- चार्जशीट में भूपेश बघेल, कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, विजय पंड्या, रिंकू खनूजा और विनोद भाटिया को आरोपी बनाया गया।
- 6 जून 2018 को आरोपी रिंकू खनूजा ने आत्महत्या कर ली।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में डाली याचिका
छत्तीसगढ़ में 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने।
- इसके बाद सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर मामले की सुनवाई किसी अन्य राज्य में ट्रांसफर करने की मांग की।
- सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी।
अगली सुनवाई 4 मार्च को
इस मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च 2025 को होगी, जिसमें बचाव पक्ष के वकील अपनी बहस पेश करेंगे।
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