अमेरिका की राजनीति में Nithya Raman ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय मूल की 45 वर्षीय नेता ने Los Angeles के मेयर चुनाव में मौजूदा मेयर Karen Bass को हराकर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ वह अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर Los Angeles की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बनने जा रही हैं। उनकी सफलता ने न केवल अमेरिकी राजनीति में नई पहचान बनाई है, बल्कि केरलम से जुड़े उनके पारिवारिक संबंधों के कारण भारतीय और मलयाली समुदाय में भी उत्साह बढ़ाया है।
5 नवंबर 2026 को Karen Bass ने चुनाव में अपनी हार स्वीकार करते हुए Nithya Raman को जीत की बधाई दी। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार, Raman को 52.1 प्रतिशत और Bass को 47.9 प्रतिशत वोट मिले थे। इस तरह स्थानीय राजनीति से अपना सफर शुरू करने वाली Raman अब अमेरिका के बड़े शहरों में से एक का नेतृत्व करने जा रही हैं।
Nithya Raman ने Los Angeles मेयर चुनाव में रचा इतिहास
Nithya Raman की राजनीतिक यात्रा कुछ साल पहले तक राष्ट्रीय स्तर पर बहुत अधिक चर्चित नहीं थी। उन्होंने स्थानीय मुद्दों और आम नागरिकों की समस्याओं को उठाकर अपनी अलग पहचान बनाई।
आवास, बेघर लोगों की समस्या, शहरी सुविधाएं और कमजोर वर्गों के कल्याण जैसे मुद्दे उनकी राजनीति के केंद्र में रहे हैं। उनकी विचारधारा को प्रगतिशील राजनीति और लोकतांत्रिक समाजवाद से जोड़कर देखा जाता है।
उनकी तुलना न्यूयॉर्क के मेयर Zohran Mamdani से भी की जा रही है। दोनों नेताओं की राजनीति में किफायती आवास, शहरी असमानता और आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता मिलती है।
Karen Bass को हराकर हासिल की बड़ी जीत
Los Angeles के मेयर चुनाव में Nithya Raman ने मौजूदा मेयर Karen Bass को कड़ी चुनौती दी। चुनाव के शुरुआती रुझानों में Bass आगे थीं, लेकिन बाद में मतगणना के दौरान Raman ने बढ़त बना ली।
5 नवंबर को Karen Bass ने अपनी हार स्वीकार कर ली और Raman को फोन करके जीत की बधाई दी। उपलब्ध आंकड़ों में Raman को 4,29,450 वोट और Bass को 3,94,796 वोट मिले थे।
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दो दशक से अधिक समय बाद Los Angeles के किसी मौजूदा मेयर को दोबारा चुनाव लड़ते हुए हार का सामना करना पड़ा है।
केरलम से जुड़ा है Nithya Raman का परिवार
Nithya Raman का जन्म 28 जुलाई 1981 को हुआ था। उनके परिवार की जड़ें भारत के केरलम राज्य से जुड़ी हैं। उनके पिता आर. वेंकटरमण का संबंध तिरुवनंतपुरम से है, जबकि उनकी मां सुधा त्रिशूर की रहने वाली हैं।
उनके पिता Keltron में काम करते थे और मां Indian Overseas Bank में कर्मचारी थीं। बाद में परिवार मुंबई पहुंचा और फिर अमेरिका में बस गया। उस समय Nithya Raman की उम्र करीब छह साल थी।
उनके दादा के. रामैय्यर पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत थे। परिवार का संबंध तिरुवनंतपुरम के कोट्टक्काकम इलाके से भी रहा है। बचपन में Nithya ने Bharatiya Vidya Bhavan में शुरुआती शिक्षा प्राप्त की थी।
उनके चाचा देवनारायणन के अनुसार, Nithya का केरलम से पारिवारिक जुड़ाव आज भी बना हुआ है। वह आखिरी बार 2019 में पारिवारिक समारोह में शामिल होने त्रिशूर आई थीं। नवंबर 2026 में उनके दोबारा केरलम आने की उम्मीद जताई गई थी।
Harvard और MIT से हासिल की उच्च शिक्षा
Nithya Raman ने अमेरिका के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई की है। उन्होंने Harvard University से Social Studies में स्नातक की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने Massachusetts Institute of Technology (MIT) से City Planning में मास्टर डिग्री प्राप्त की। उनकी शिक्षा और शहरी नियोजन के क्षेत्र में रुचि ने आगे चलकर उनके सामाजिक और राजनीतिक कार्यों को दिशा दी।
शहरों में रहने वाले गरीब और वंचित समुदायों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का विषय उनके काम का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
भारत में भी शहरी विकास के लिए किया काम
Nithya Raman का भारत से जुड़ाव केवल पारिवारिक नहीं रहा, बल्कि उन्होंने यहां सामाजिक और शहरी विकास के क्षेत्र में भी काम किया है।
वर्ष 2010 में उन्होंने Chennai में Transparent Chennai नाम की पहल की सह-स्थापना की। इस पहल का उद्देश्य शहरी गरीबी और वंचित समुदायों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर काम करना था।
इस संस्था ने स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पेयजल और सार्वजनिक सेवाओं तक लोगों की पहुंच जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया। इसके लिए शोध, मैपिंग और नागरिकों की भागीदारी का सहारा लिया गया।
बाद में उन्होंने दिल्ली और चेन्नई में भी काम किया। वर्ष 2013 में वह अपने पति वाली चंद्रशेखरन के साथ Los Angeles चली गईं। उनके पति तमिल मूल के टेलीविजन लेखक और निर्माता हैं।
लोकतांत्रिक समाजवाद और जनकल्याण पर फोकस
Nithya Raman की राजनीति में आवास और बेघर लोगों की समस्या प्रमुख मुद्दे रहे हैं। वह शहर में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहतर सुविधाओं की पक्षधर रही हैं।
उनकी राजनीति को प्रगतिशील विचारधारा और लोकतांत्रिक समाजवाद से जोड़कर देखा जाता है। उनका जोर शहरी प्रशासन को आम नागरिकों की जरूरतों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने पर रहा है।
अमेरिका में उन्होंने सामाजिक और पेशेवर संगठनों के साथ भी काम किया। वह Time’s Up Entertainment की कार्यकारी निदेशक रह चुकी हैं। यह पहल #MeToo आंदोलन के बाद मनोरंजन उद्योग में यौन उत्पीड़न और भेदभाव के खिलाफ अभियान से जुड़ी थी।
दिसंबर में संभालेंगी Los Angeles की कमान
Nithya Raman की जीत के बाद अब Los Angeles में सत्ता परिवर्तन की तैयारी शुरू होगी। Karen Bass ने भी सत्ता के सुचारु हस्तांतरण में सहयोग देने की बात कही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, Raman दिसंबर 2026 में मेयर पद की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनका कार्यकाल ऐसे समय शुरू होगा, जब Los Angeles आवास संकट, बेघर लोगों की समस्या और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। AP News+1
उनकी जीत को अमेरिकी राजनीति में प्रगतिशील विचारधारा की बढ़ती लोकप्रियता के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, उनके सामने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने और शहर की प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
Nithya Raman की जीत भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व का विषय है। केरलम से पारिवारिक संबंध रखने वाली एक महिला ने अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर के मेयर चुनाव में जीत हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। Harvard और MIT से शिक्षा, भारत में सामाजिक कार्यों का अनुभव और शहरी विकास के मुद्दों पर उनकी राजनीति ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर रहेंगी कि Nithya Raman Los Angeles के विकास और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह काम करती हैं।
