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Pia Dandiya: भारतीय मूल की बेटी ने अमेरिका में रचा इतिहास

वाशिंगटन, 5 नवंबर 2026। Pia Dandiya ने अमेरिकी राजनीति में बड़ी सफलता हासिल करते हुए फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) का चुनाव जीत लिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार Pia Dandiya ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और मरीन कॉर्प्स के पूर्व सैनिक Casey Askar को हराया। भारतीय प्रवासी माता-पिता की बेटी Pia की इस जीत से अमेरिकी संसद में भारतीय मूल के लोगों की प्रतिनिधित्व और मजबूत हुआ है।

3 नवंबर 2026 को हुए चुनाव में Pia Dandiya को लगभग 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी Casey Askar को लगभग 48.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। यह मुकाबला फ्लोरिडा की सबसे चर्चित कांग्रेस सीटों में शामिल था।

Pia Dandiya ने रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया

फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार Pia Dandiya और रिपब्लिकन उम्मीदवार Casey Askar के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

चुनाव परिणामों के अनुसार, Pia Dandiya ने 51.92 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि Casey Askar को 48.08 प्रतिशत मत मिले। इस जीत के साथ उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपनी जगह सुनिश्चित की।

यह सीट 2026 के चुनाव से पहले नए परिसीमन के कारण दोबारा तैयार की गई थी। नए क्षेत्र में दक्षिण फ्लोरिडा के कई अलग-अलग समुदाय शामिल किए गए थे। इसलिए दोनों पार्टियों के लिए यह मुकाबला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था।

जयपुर से जुड़ी हैं Pia Dandiya की पारिवारिक जड़ें

Pia Dandiya की सफलता की एक खास बात उनका भारतीय पारिवारिक जुड़ाव है। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बस गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनका परिवार राजस्थान के जयपुर से जुड़ा है और 1980 के दशक में अमेरिका पहुंचा था।

Pia का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उनके पिता डॉ. रोहित डांडिया पेशे से चिकित्सक हैं और उन्होंने जयपुर में चिकित्सा की पढ़ाई की थी।

भारतीय मूल के परिवार में जन्मी Pia ने अमेरिका में शिक्षा और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उनकी जीत को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

शिक्षक से अमेरिकी कांग्रेस तक का सफर

Pia Dandiya का पेशेवर सफर शिक्षा के क्षेत्र से शुरू हुआ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की और बाद में न्यूयॉर्क के हार्लेम में हाईस्कूल की प्रिंसिपल के रूप में काम किया।

मात्र 28 वर्ष की उम्र में वह एक हाईस्कूल की संस्थापक प्रिंसिपल बनी थीं। उन्होंने कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्कूल की स्थापना की।

उनके अभियान से जुड़ी जानकारी के अनुसार, स्कूल के सभी स्नातक विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश मिला था। इनमें लगभग 86 प्रतिशत विद्यार्थी कम आय वाले परिवारों से आते थे।

शिक्षा के अलावा Pia ने व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी काम किया। इसके बाद उन्होंने टेक्नोलॉजी कंपनी Apple में भी अपनी सेवाएं दीं। शिक्षा, नीति निर्माण और तकनीक के क्षेत्र में उनके अनुभव ने राजनीतिक सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Pia Dandiya के चुनावी मुद्दे क्या रहे?

Pia Dandiya ने अपने चुनाव प्रचार में आम परिवारों की आर्थिक समस्याओं को प्रमुखता दी। उनके अभियान में महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत, शिक्षा और रोजगार के अवसर जैसे मुद्दे शामिल रहे।

उन्होंने परिवारों के लिए किफायती जीवन व्यवस्था बनाने और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की बात कही।

उनके प्रतिद्वंद्वी Casey Askar ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का समर्थन करते हुए चुनाव लड़ा था। वह व्यवसायी होने के साथ मरीन कॉर्प्स के पूर्व सैनिक भी हैं।

फ्लोरिडा की 22वीं सीट क्यों थी खास?

फ्लोरिडा का 22वां कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट नए परिसीमन के बाद काफी चर्चा में रहा। नए चुनावी नक्शे में पाम बीच, ब्रोवार्ड, हेंड्री और कोलियर काउंटी के कुछ हिस्से शामिल किए गए थे।

इस नए क्षेत्र में पहले अलग-अलग प्रतिनिधियों के अंतर्गत आने वाले समुदायों को एक सीट में जोड़ा गया। इसके कारण चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया।

रिपब्लिकन पार्टी को उम्मीद थी कि नए चुनावी नक्शे से उसे फायदा मिलेगा, लेकिन Pia Dandiya ने जीत दर्ज कर इस सीट को डेमोक्रेटिक पार्टी के खाते में बनाए रखा।

अमेरिकी संसद में भारतीय मूल की बढ़ती पहचान

Pia Dandiya की जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वह फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई प्रतिनिधि बनने जा रही हैं।

वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला भी होंगी। उनसे पहले प्रमिला जयपाल इस उपलब्धि को हासिल कर चुकी हैं।

Pia Dandiya जनवरी 2027 में नई कांग्रेस के कार्यकाल के साथ प्रतिनिधि सभा में अपना काम शुरू करेंगी। उनका कार्यकाल दो वर्ष का होगा।

Pia Dandiya की जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि भारतीय मूल के परिवारों की नई पीढ़ी की राजनीतिक भागीदारी का भी महत्वपूर्ण उदाहरण है। जयपुर से जुड़ी पारिवारिक जड़ों, शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव और अमेरिकी राजनीति में अपनी मेहनत के दम पर Pia Dandiya ने फ्लोरिडा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अब सबकी नजरें अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में उनके आगामी कार्यकाल और चुनावी वादों को पूरा करने पर रहेंगी।

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