Skip to main content

4thnation

छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक, 62 के झुंड से 9 स्कूल बंद

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में Chhattisgarh Elephant Menace के कारण ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ गई है। मरवाही वन क्षेत्र में 62 हाथियों के झुंड की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नौ स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया। यह फैसला 4 और 5 नवंबर 2026 के लिए लागू किया गया था।

हाथियों की लगातार आवाजाही से वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

छत्तीसगढ़ की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों के लिए 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें

Chhattisgarh Elephant Menace: मरवाही के 9 स्कूल दो दिन बंद

मिली जानकारी के अनुसार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही क्षेत्र के कुछ गांवों में हाथियों के झुंड की आवाजाही देखी गई। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नौ स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया।

यह आदेश मरवाही वन मंडल के अंतर्गत आने वाली नक्का और मातियाडांड वन परिक्षेत्र के स्कूलों के लिए जारी किया गया था। संबंधित स्कूल 4 नवंबर और 5 नवंबर 2026 को बंद रखे गए।

जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद स्थानीय विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय वर्मा ने स्कूलों को बंद रखने संबंधी सूचना जारी की। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित हाथी हमले या अप्रिय घटना से बच्चों को सुरक्षित रखना था।

62 हाथियों के झुंड से गांवों में बढ़ी चिंता

Chhattisgarh Elephant Menace की स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि संबंधित क्षेत्र में एक साथ 62 हाथियों के झुंड की मौजूदगी की सूचना सामने आई है।

जंगल और गांवों के आसपास हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हाथियों का झुंड यदि आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक पहुंचता है, तो लोगों के सामने जान-माल की सुरक्षा का खतरा पैदा हो सकता है।

वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के वनवासियों और ग्रामीणों को अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी स्थिति में उनके नजदीक जाने की कोशिश न करें।

जंगल में हाथियों को उकसाने का वीडियो वायरल

इस बीच नक्का जंगल क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई है।

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति हाथियों के झुंड के काफी नजदीक जाकर उन्हें इशारे करते हुए जंगल की ओर वापस जाने के लिए उकसाता दिखाई दे रहा है। उसकी इस हरकत से हाथी नाराज होते नजर आए।

वन्यजीवों के इतने करीब जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। विशेषकर जब सामने हाथियों का बड़ा झुंड हो, तब ऐसी गतिविधियां व्यक्ति के साथ-साथ आसपास मौजूद अन्य लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं।

वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ वन अधिकारी के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की जाएगी और उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Chhattisgarh Elephant Menace: वन विभाग ने जारी की सावधानी की सलाह

Chhattisgarh Elephant Menace के बीच वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथियों को परेशान करना, उनके रास्ते में बाधा डालना या उन्हें भगाने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है।

ग्रामीणों को विशेष रूप से जंगल के आसपास आवाजाही करते समय सतर्क रहने की जरूरत है। हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अकेले जाने और उनके नजदीक पहुंचने से बचना चाहिए।

यदि किसी ग्रामीण को हाथियों का झुंड दिखाई देता है, तो उसे सुरक्षित स्थान पर रहकर वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। हाथियों को देखकर भीड़ इकट्ठा करना या उनका वीडियो बनाने के लिए पास जाना भी जोखिम बढ़ा सकता है।

छत्तीसगढ़ की ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरों के लिए 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें

बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का फैसला

मरवाही क्षेत्र में नौ स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद करने का फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया। वन क्षेत्रों के आसपास स्थित गांवों में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया।

फिलहाल इस खबर में हाथियों के झुंड से किसी व्यक्ति के घायल होने या जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए किसी अप्रिय घटना का दावा करना उचित नहीं होगा।

Chhattisgarh Elephant Menace की यह घटना वन्यजीवों और ग्रामीण आबादी के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता को फिर से सामने लाती है। प्रशासन और वन विभाग के अलर्ट के साथ ग्रामीणों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 62 हाथियों की मौजूदगी के बीच नौ स्कूलों को बंद रखने का निर्णय बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। Chhattisgarh Elephant Menace जैसी परिस्थितियों में वन विभाग के निर्देशों का पालन करना, हाथियों को नहीं उकसाना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही सबसे जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *