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रायपुर में अमित शाह का SIR पर बड़ा बयान

Amit Shah Chhattisgarh: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 3 नवंबर 2026 को रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में कई राजनीतिक और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने SIR (Special Intensive Revision), EVM और घुसपैठियों के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करने की पेशकश की।

अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार इन मुद्दों पर संसद में खुली बहस करने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो जनता के सामने इन विषयों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। संसद को चलने देना चाहिए, ताकि देश की जनता भी तय कर सके कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ।

शाह के इस बयान को संसद में SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चल रही राजनीतिक बहस के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Amit Shah Chhattisgarh: संसद के विशेष सत्र पर क्या बोले?

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार SIR, EVM और घुसपैठियों जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा से पीछे नहीं हटेगी। सरकार विशेष सत्र बुलाकर इन सभी विषयों पर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार है।

उन्होंने राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नकली संसद बनाकर संसद की गरिमा का भी मजाक उड़ाया गया। शाह ने कहा कि विपक्ष को संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।

उनके मुताबिक, जनता के सामने तथ्यों के आधार पर बहस होनी चाहिए, जिससे लोगों को वास्तविक स्थिति समझने का अवसर मिले।

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नक्सलवाद पर पिछली सरकारों को घेरा

राज्योत्सव के मंच से अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। उन्हें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जाकर विकास की स्थिति देखनी चाहिए।

शाह ने कहा कि सरकार ने नक्सलियों को स्पष्ट संदेश दिया था कि जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, वे मुख्यधारा में लौट आएं। अन्यथा सुरक्षा बल उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के परिणामों का जिक्र करते हुए दावा किया कि केवल 10 प्रतिशत नक्सली मारे गए, जबकि बाकी 90 प्रतिशत ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का रास्ता चुना।

इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के जयकारे का भी उल्लेख किया। उनका संदेश था कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद अब प्रदेश में विकास और शांति की बात होनी चाहिए।

Amit Shah Chhattisgarh: राज्य को बताया नक्सलवाद से मुक्त

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हो चुका है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों को इस सफलता का श्रेय दिया।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों की पहचान पहले नक्सल प्रभावित इलाकों के रूप में होती थी, वहां अब शांति, विश्वास और विकास का माहौल बन रहा है।

शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में योगदान देने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों की सराहना की। उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और योगदान के लिए उनका आभार जताया।

साथ ही प्रदेश के लोगों और विशेषकर आदिवासी भाई-बहनों को इस बदलाव के लिए शुभकामनाएं दीं।

अटल बिहारी वाजपेयी और मोदी सरकार का किया जिक्र

छत्तीसगढ़ के गठन और विकास का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संवारने और विकसित करने का काम किया जा रहा है।

शाह ने कहा कि दोनों ही भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और उनके योगदान से छत्तीसगढ़ को नई पहचान मिली है।

उन्होंने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य अब नक्सलवाद के भय से बाहर निकलकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

पर्यटन और विकास को लेकर क्या बोले अमित शाह?

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन की संभावनाओं पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में दुनियाभर में अपनी पहचान बनाएगा।

उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात और मां दंतेश्वरी जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया। शाह के मुताबिक, प्रदेश में प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ चुका है और प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है।

चित्रकोट जलप्रपात बस्तर का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।

Amit Shah Chhattisgarh के बयान से सियासत तेज

रायपुर में अमित शाह का यह संबोधन राजनीतिक और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित रहा। एक ओर उन्होंने SIR, EVM और घुसपैठियों के मुद्दे पर संसद के विशेष सत्र में खुली चर्चा की पेशकश की, वहीं दूसरी ओर नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की सफलता और छत्तीसगढ़ के विकास का जिक्र किया।

अमित शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ पर्यटन, शांति और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। अब उनके संसद में विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

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