Chhattisgarh Govt Purchase Sugarcane Hike: छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों को राहत देते हुए गन्ने का खरीदी मूल्य 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुसार, बढ़ी हुई दर 2025-26 के पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने पर भी लागू होगी।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि इस फैसले से किसानों को प्रति क्विंटल 70 रुपये अधिक मिलेंगे। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य गन्ना उत्पादकों को बेहतर कीमत दिलाना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है। इसके साथ ही प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
Chhattisgarh Govt Purchase Sugarcane Hike से किसानों को कितना फायदा?
राज्य सरकार ने गन्ने का खरीदी मूल्य 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यानी किसानों को प्रत्येक क्विंटल पर 70 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यह फैसला गन्ना उत्पादकों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
गन्ना मूल्य वृद्धि की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद की थी। इसके बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी बढ़ी हुई दर की जानकारी दी।
सरकार ने बढ़ी हुई दर को 2025-26 के पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने पर भी लागू करने की बात कही है। हालांकि, किसानों को भुगतान किस समय और किस प्रक्रिया से मिलेगा, इसकी जानकारी के लिए संबंधित सहकारी शक्कर कारखाने के निर्देश देखना जरूरी होगा।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू होगी। राज्य मंत्रिपरिषद के फैसले के अनुसार, किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जाएगा। अधिकतम खरीदी सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई है।
सरकार के मुताबिक, इस खरीदी प्रक्रिया में 27.50 लाख से अधिक किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। किसानों को सुविधा देने के लिए 360 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश में कुल उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़कर 3,100 हो जाएगी।
टोकन व्यवस्था, खरीदी केंद्रों की तैयारी और किसानों के पंजीयन से संबंधित निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। किसान धान बेचने की तारीख और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी अपने संबंधित सहकारी समिति से प्राप्त कर सकते हैं।
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किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन
सरकार धान के स्थान पर दूसरी फसलें लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी काम कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धान के बदले दूसरी फसल लेने पर प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की बात कही गई है।
इस पहल का उद्देश्य किसानों को दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है। इससे धान पर निर्भरता कम करने और खेती में विविधता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस प्रोत्साहन राशि की पात्रता, लागू होने की तारीख और भुगतान की शर्तों की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से की जानी चाहिए।
एग्रीटेक आईडी और बायोमेट्रिक व्यवस्था से होगी पहचान
धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरकार एग्रीटेक आईडी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का इस्तेमाल करेगी। इससे किसानों की पहचान और खेती के रकबे का सत्यापन करने में मदद मिलेगी।
पिछले वर्ष पंजीकृत और एग्रीस्टैक आईडी रखने वाले पात्र किसानों को दोबारा पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी जानकारी के अनुसार, डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए धान के रकबे का निर्धारण किया जाएगा।
बायोमेट्रिक सत्यापन का उद्देश्य वास्तविक किसानों से ही धान की खरीदी सुनिश्चित करना और अनियमितताओं को रोकना है। नए उपार्जन केंद्रों के संचालन से स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों और मजदूरों के लिए काम के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
कृषक उन्नति योजना के तहत आर्थिक सहायता
कृषि मंत्री रामविचार नेताम के अनुसार, कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को बड़ी राशि की आदान सहायता दी गई है। उपलब्ध विवरण में 35,589 करोड़ रुपये की कुल सहायता और 11,281 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जाने का उल्लेख है। इन आंकड़ों का अलग-अलग मदों और अवधि के अनुसार आधिकारिक विवरण से मिलान किया जाना चाहिए, ताकि दोनों राशियों का सही संदर्भ स्पष्ट हो सके।
सरकार कृषि क्षेत्र में निवेश, किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दे रही है।
Chhattisgarh Govt Purchase Sugarcane Hike के तहत गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने से किसानों को हर क्विंटल पर 70 रुपये अधिक मिलने का प्रावधान है। वहीं, 15 नवंबर से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। किसानों के लिए जरूरी है कि वे भुगतान, पंजीयन, प्रोत्साहन राशि और खरीदी की शर्तों से जुड़ी जानकारी आधिकारिक आदेशों से जांचें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।
