छत्तीसगढ़ में Chhattisgarh Cyclone Arnab का असर लगातार देखने को मिल रहा है। रायपुर, रायगढ़, गरियाबंद, पेंड्रा और बस्तर सहित कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात अर्नब कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदल गया है, लेकिन बारिश का खतरा अभी बना हुआ है।
प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी कटी हुई फसल सुरक्षित रखने और कुछ दिनों तक कटाई टालने की सलाह दी गई है।
Chhattisgarh Cyclone Arnab: इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कोंडागांव जैसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लिए भी जारी चेतावनी के मद्देनजर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर, रायपुर और सुकमा में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम संबंधी जानकारी और जिलेवार चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
Chhattisgarh Cyclone Arnab के कारण स्कूल बंद
खराब मौसम को देखते हुए बस्तर, रायपुर, गरियाबंद, रायगढ़ और दुर्ग सहित कई जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। सरगुजा संभाग के जिलों में भी छुट्टी की सूचना दी गई है। हालांकि, स्कूलों की छुट्टी की अवधि और आदेश जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले के प्रशासन या शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश की पुष्टि करने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजने का निर्णय लें।
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सुकमा में राहत शिविर तैयार, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
सुकमा जिले में मंगलवार रात से बारिश शुरू हुई, जिसका असर बुधवार सुबह भी बना रहा। मौसम की स्थिति को देखते हुए जिले के सरकारी और अर्धसरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई।
कच्चे मकानों और अंदरूनी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सरकारी भवनों में राहत शिविर तैयार किए गए हैं। सुकमा के कन्या शाला परिसर में वार्ड क्रमांक 12 के नया पारा सुंदर नगर के लगभग 50 लोगों को ठहराया गया है।
पुलिस और प्रशासन की टीमें सतर्क हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नालों और कमजोर मकानों के आसपास जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की मदद लें।
29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश का खतरा
29 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज, सूरजपुर, कोरिया और कोरबा जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, धमतरी, गरियाबंद और रायपुर समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है।
गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का खतरा भी बना रहेगा। इसलिए मौसम सामान्य दिखाई देने पर भी सावधानी बरतना जरूरी है।
रायपुर में बादल, बारिश और तापमान का हाल
राजधानी रायपुर में बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा। ये उपलब्ध पिछले आंकड़े हैं, इन्हें 29 अक्टूबर का वास्तविक तापमान नहीं माना जाना चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को पक चुकी धान, दलहन और तिलहन फसलों की कटाई अगले दो से चार दिन तक टालने की सलाह दी गई है। जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें उसे सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखने की जरूरत है।
खेतों में पानी भरने की आशंका वाले क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दें। बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें और पेड़ों के नीचे शरण न लें।
कृषि संबंधी सलाह के लिए भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट भी देखी जा सकती है।
30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बिलासपुर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी बनी रह सकती है। बारिश की तीव्रता जिले और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
निष्कर्ष: Chhattisgarh Cyclone Arnab के कमजोर पड़ने के बावजूद प्रदेश में बारिश का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दक्षिण छत्तीसगढ़ के बाद उत्तर और मध्य हिस्सों में भी मौसम का असर दिख सकता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और यात्रा करने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।
