Dhamtari District Banishment: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। धोबी चौक, रामसागरपारा निवासी 24 वर्षीय ओंकार रजक उर्फ रवि रजक को एक वर्ष के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने यह आदेश जारी किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2019 से सिटी कोतवाली धमतरी में कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
Dhamtari District Banishment: सात जिलों की सीमाओं में प्रवेश पर रोक
धमतरी पुलिस आदतन अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत ओंकार रजक उर्फ रवि रजक के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार, उसे एक वर्ष की अवधि के लिए धमतरी सहित कुल सात जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया गया है।
वर्तमान में आरोपी धमतरी जिला जेल में बंद है। इसलिए जिला बदर का आदेश जेल से उसकी रिहाई की तारीख से प्रभावी होगा। आदेश लागू होने के बाद निर्धारित अवधि में संबंधित जिलों की सीमाओं में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। किसी विशेष परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति से संबंधित प्रक्रिया आदेश और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार होगी।
इस कार्रवाई के जरिए पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
Dhamtari District Banishment के पीछे क्या है वजह?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ओंकार रजक के खिलाफ वर्ष 2019 से सिटी कोतवाली धमतरी में आपराधिक मामले दर्ज होते रहे हैं। उसके विरुद्ध हत्या के दो अलग-अलग मामलों सहित मारपीट, बलवा, जान से मारने की धमकी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कुल पांच गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
इसके अतिरिक्त पुलिस ने उसके खिलाफ चार प्रतिबंधात्मक इस्तगासे भी पेश किए थे। वर्ष 2025 में उसे सामाजिक गुंडा सूची में भी शामिल किया गया था।
पुलिस का कहना है कि इन कार्रवाइयों के बावजूद उसकी गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और इलाके में भय का माहौल बना हुआ था। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस अधीक्षक ने जिला बदर की अनुशंसा की, जिसके बाद जिला दंडाधिकारी ने निष्कासन का आदेश जारी किया।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आपराधिक मामले दर्ज होना अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है। जिला बदर की कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक आदेश के तहत की गई है।
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2026 में तीन बदमाशों पर जिला बदर की कार्रवाई
धमतरी पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक तीन आदतन बदमाशों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की जा चुकी है। इससे पहले वर्ष 2025 में कुल 11 लोगों को जिला बदर किया गया था।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में सक्रिय अन्य गुंडे-बदमाशों और आदतन अपराधियों के रिकॉर्ड की भी लगातार समीक्षा की जा रही है। जिन व्यक्तियों की गतिविधियों से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है, उनके मामलों में उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
जिला बदर जैसी कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित क्षेत्र में शांति बनाए रखना और संभावित आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कानूनी उपाय करना है।
पुलिस की असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की शांति भंग करने और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस प्रशासन आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओंकार रजक के मामले में कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, आदेश की विस्तृत शर्तों और संबंधित जिलों की पूरी सूची की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।
Dhamtari District Banishment की यह कार्रवाई धमतरी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के सख्त रुख को दर्शाती है। ओंकार रजक उर्फ रवि रजक को एक वर्ष के लिए निर्धारित जिलों की सीमाओं से निष्कासित करने का आदेश उसकी जेल से रिहाई के बाद प्रभावी होगा। पुलिस का कहना है कि आदतन अपराधियों के रिकॉर्ड की समीक्षा और कानून के अनुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
