रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। ED Raid Chhattisgarh के तहत रायपुर और दुर्ग में कारोबारियों से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई की खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हुई जांच के दौरान रायपुर में एक कारोबारी के ठिकाने से 16 लाख रुपये नकद, जबकि दुर्ग के कारोबारी से जुड़े ठिकानों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए।
बताया गया है कि अधिकारियों ने दोनों कारोबारियों से जुड़े परिसरों में दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की। हालांकि, कार्रवाई के संबंध में ईडी की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति या जब्ती सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण इन विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ED Raid Chhattisgarh: रायपुर और दुर्ग में कहां हुई कार्रवाई?
मिली जानकारी के मुताबिक, रायपुर में ज्वेलरी और जमीन के कारोबार से जुड़े नितिन डागा से संबंधित रवि नगर स्थित सुशील विला में ईडी के अधिकारी पहुंचे। यहां दस्तावेजों की जांच और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
वहीं, दुर्ग में कारोबारी गुलशन कुमार बघेल के ऋषभ ग्रीन सिटी स्थित आवास पर जांच की गई। इसके अलावा रायपुर के मालवीय नगर स्थित उनके कार्यालय में भी कार्रवाई होने की बात कही गई है।
बताया गया है कि जांच दिनभर चली और देर शाम तक कुछ सामान जब्त किया गया। फिलहाल, दोनों मामलों में कार्रवाई का पूरा आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है।
नितिन डागा के ठिकाने से 16 लाख रुपये नकद जब्त
रायपुर के कारोबारी नितिन डागा से जुड़े ठिकाने पर हुई कार्रवाई में 16 लाख रुपये नकद जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेजों की भी पड़ताल की।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नकदी के स्रोत, उससे संबंधित किसी कथित अनियमितता या डागा के खिलाफ लगाए गए विशिष्ट आरोपों का स्पष्ट विवरण नहीं है। इसलिए जब्त रकम को किसी अपराध से सीधे जोड़ना उचित नहीं होगा।
गुलशन बघेल के घर और कार्यालय में जांच
दुर्ग के कारोबारी गुलशन कुमार बघेल से जुड़े परिसरों में कार्रवाई के दौरान करीब 15 मोबाइल फोन, एक या अधिक लैपटॉप तथा वित्तीय दस्तावेज जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच से संबंधित वित्तीय लेनदेन के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, जब्ती अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। जांच के निष्कर्ष और संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
बताया गया है कि गुलशन बघेल परिवहन व्यवसाय और अन्य कारोबारी गतिविधियों से जुड़े हैं। उनके नाम से बघेल कॉरपोरेट प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न कारोबारी फर्मों के संचालन का भी उल्लेख किया गया है।
शराब घोटाले से जुड़े लेनदेन की पड़ताल
ED Raid Chhattisgarh के तहत गुलशन बघेल से जुड़े ठिकानों पर हुई कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से करीब 30 करोड़ रुपये एक महिला अधिकारी तक पहुंचाने और इससे जुड़े लेनदेन की पड़ताल किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इस कथित रकम, लेनदेन की प्रकृति और संबंधित अधिकारी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
इसलिए 30 करोड़ रुपये से जुड़े दावे को जांच में प्रमाणित तथ्य नहीं, बल्कि सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कारोबारी के पुराने विवादों का भी जिक्र
उपलब्ध समाचार सामग्री में गुलशन बघेल से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख किया गया है। उनके खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप लगाए जाने और योग शिक्षक की नौकरी दिलाने से जुड़े एक मामले में जेल जाने की बात कही गई है।
यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का रिश्तेदार बताकर प्रभाव दिखाया था। इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित मामले के न्यायिक रिकॉर्ड और आधिकारिक दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक है। किसी पुराने मामले में आरोप या गिरफ्तारी को दोषसिद्धि के समान नहीं माना जाना चाहिए।
जांच में आगे क्या हो सकता है?
ईडी की जांच में जब्त दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड का विश्लेषण महत्वपूर्ण हो सकता है। इसके आधार पर संबंधित लेनदेन, धन के स्रोत और अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं से संभावित संबंधों की पड़ताल की जा सकती है।
ED Raid Chhattisgarh के तहत रायपुर और दुर्ग में हुई बताई जा रही कार्रवाई ने कारोबारी लेनदेन और कथित शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय मामलों पर ध्यान खींचा है। लेकिन जब्त नकदी, डिजिटल उपकरणों और 30 करोड़ रुपये से जुड़े दावों पर अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी और सत्यापित साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
