Skip to main content

4thnation

Chhattisgarh Ration Card New Rules: फिंगरप्रिंट फेल होने पर भी मिलेगा राशन, जानें वैकल्पिक व्यवस्था

रायपुर। Chhattisgarh Ration Card New Rules को लेकर खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर भी पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार राशन प्राप्त करने की वैकल्पिक सुविधा मिल सकती है। खासतौर पर बुजुर्गों और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी का सामना करने वाले लोगों के लिए नॉमिनी या ओटीपी (OTP) आधारित प्रमाणीकरण का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक के अनुसार, केवल फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को राशन नहीं मिल सकता। हितग्राहियों को वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी होना जरूरी है, ताकि तकनीकी समस्या के कारण वे सरकारी राशन से वंचित न रहें।

राशन कार्ड, सरकारी योजनाओं और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें

1. Chhattisgarh Ration Card New Rules पर खाद्य विभाग का स्पष्टीकरण

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र परिवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार राशन उपलब्ध कराया जाता है। राशन वितरण के दौरान हितग्राही की पहचान के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, कई बार फिंगरप्रिंट मशीन में अंगुलियों के निशान का मिलान नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में बुजुर्गों और अन्य पात्र हितग्राहियों को परेशानी हो सकती है।

रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इसी विषय पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि ऐसी परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान है। इसलिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में असफलता को राशन नहीं मिलने का अंतिम आधार नहीं माना जाना चाहिए।

2. फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने पर भी मिलेगा राशन

Chhattisgarh Ration Card New Rules के संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर भी पात्र हितग्राही नियमानुसार दूसरे माध्यम से प्रमाणीकरण कराकर राशन प्राप्त कर सकते हैं।

फिंगरप्रिंट मैच न होने के कई कारण हो सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ अंगुलियों के निशान स्पष्ट नहीं रहना या मशीन द्वारा निशान का सही तरीके से स्कैन नहीं हो पाना इसकी वजह हो सकती है।

ऐसी स्थिति में हितग्राही को उचित मूल्य की दुकान से वैकल्पिक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। संबंधित दुकान संचालक या खाद्य विभाग के अधिकारी से यह स्पष्ट कराया जा सकता है कि उस मामले में कौन-सा विकल्प लागू होगा।

ध्यान रहे कि वैकल्पिक सुविधा का लाभ संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही मिलेगा। केवल फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि हर स्थिति में बिना किसी अन्य प्रमाणीकरण के राशन मिल जाएगा।

3. नॉमिनी और OTP से राशन लेने की सुविधा

खाद्य नियंत्रक के स्पष्टीकरण के अनुसार, पात्र हितग्राहियों के लिए नॉमिनी यानी नामांकित व्यक्ति या OTP आधारित प्रमाणीकरण का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

नॉमिनी के माध्यम से राशन

यदि किसी पात्र हितग्राही को स्वयं राशन लेने में कठिनाई होती है, तो नियमानुसार नामांकित व्यक्ति के माध्यम से राशन प्राप्त करने की सुविधा मिल सकती है। इसके लिए संबंधित योजना और विभाग के निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।

हितग्राही को उचित मूल्य की दुकान या खाद्य विभाग से नॉमिनी दर्ज कराने और उसके इस्तेमाल की प्रक्रिया की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

OTP आधारित प्रमाणीकरण

कुछ परिस्थितियों में ओटीपी के जरिए पहचान सत्यापित करने का विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है। यह सुविधा संबंधित व्यवस्था, पंजीकृत मोबाइल नंबर और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।

ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। यदि प्रमाणीकरण में परेशानी आए, तो हितग्राही को दुकान संचालक या अधिकृत विभागीय कर्मचारी से सहायता लेनी चाहिए।

4. बुजुर्ग हितग्राहियों को कैसे मिलेगी राहत?

बुजुर्गों को कई बार फिंगरप्रिंट स्कैन कराने में कठिनाई होती है। ऐसे में वैकल्पिक प्रमाणीकरण की जानकारी उनके लिए विशेष रूप से उपयोगी है।

Chhattisgarh Ration Card New Rules से संबंधित स्पष्टीकरण का उद्देश्य इसी तरह की स्थिति में भ्रम दूर करना है। पात्र हितग्राहियों और उनके परिवारों को यह समझना चाहिए कि बायोमेट्रिक समस्या आने पर अगला कदम क्या हो सकता है।

यदि किसी बुजुर्ग का फिंगरप्रिंट बार-बार मैच नहीं होता, तो परिवार को उचित मूल्य की दुकान पर समस्या बताकर उपलब्ध वैकल्पिक प्रक्रिया के बारे में पूछना चाहिए। जरूरत पड़ने पर खाद्य विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

5. राशन लेने में परेशानी हो तो क्या करें?

अगर फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के कारण राशन लेने में समस्या आती है, तो हितग्राही ये कदम उठा सकते हैं:

  • उचित मूल्य की दुकान के संचालक को बायोमेट्रिक समस्या की जानकारी दें।
  • नॉमिनी या OTP आधारित प्रमाणीकरण की उपलब्धता और प्रक्रिया पूछें।
  • राशन कार्ड और जरूरी पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार रखें।
  • समस्या का समाधान नहीं होने पर संबंधित खाद्य निरीक्षक या जिला खाद्य नियंत्रक से संपर्क करें।
  • किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को OTP या निजी जानकारी न दें।

Chhattisgarh Ration Card New Rules से जुड़ा खाद्य विभाग का स्पष्टीकरण राशन वितरण में बायोमेट्रिक परेशानी का सामना करने वाले पात्र हितग्राहियों के लिए महत्वपूर्ण है। फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने पर नॉमिनी या OTP आधारित प्रमाणीकरण जैसी वैकल्पिक सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध हो सकती हैं। इसलिए हितग्राहियों को तकनीकी समस्या के कारण राशन मिलने की उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए, बल्कि उचित मूल्य की दुकान या खाद्य विभाग से सही प्रक्रिया की जानकारी लेकर अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *