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Durg Street Lights: 23 करोड़ के बजट पर निगम का खुलासा

दुर्ग में Durg Street Lights को लेकर प्रकाशित खबर के बाद नगर पालिक निगम ने विद्युत संधारण बजट पर स्थिति स्पष्ट की है। 23 अक्टूबर 2026 को एक दैनिक समाचार पत्र में “23 करोड़ से ज्यादा का बजट, फिर भी हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट बंद” शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। इसके संबंध में निगम के विद्युत विभाग ने बताया कि विद्युत संधारण के लिए 23 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित नहीं है। निगम के अनुसार, निर्धारित बजट से बिजली व्यवस्था का संचालन, रखरखाव, सुधार, विद्युत देयकों का भुगतान और आवश्यक सामग्री की खरीद जैसे कार्य किए जाते हैं।

Durg Street Lights: 23 करोड़ के बजट पर निगम का स्पष्टीकरण

नगर निगम के विद्युत विभाग ने प्रकाशित समाचार के संदर्भ में स्पष्ट किया कि विद्युत संधारण के लिए 23 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित होने की बात सही नहीं है। विभाग के अनुसार, शहर की विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए निर्धारित बजट के अंतर्गत कई तरह के कार्य कराए जाते हैं।

इन कार्यों में स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव, खराब लाइटों में सुधार, विद्युत देयकों का भुगतान और आवश्यक सामग्री की खरीद शामिल है। निगम ने बताया कि शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न निधियों से भी राशि का उपयोग किया जा रहा है।

हालांकि, निगम के इस स्पष्टीकरण में शहर में बंद स्ट्रीट लाइटों की कुल संख्या का अलग से विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए एक हजार से अधिक लाइटें बंद होने संबंधी प्रकाशित दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी से नहीं होती।

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Durg Street Lights के लिए पार्षद, महापौर और विधायक निधि का उपयोग

नगर निगम ने बताया कि शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों को बेहतर प्रकाश सुविधा देने के लिए पार्षद निधि तथा महापौर निधि के अंतर्गत भी स्ट्रीट लाइट खरीदने की कार्रवाई की गई है।

इसके अतिरिक्त, विधायक निधि से लगभग 40 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट खरीदी गई हैं। निगम के अनुसार, इन निधियों के माध्यम से शहर में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

वहीं, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 50 लाख रुपये की लागत से ट्यूबलर पोल खरीदे गए हैं। इन पोलों को विभिन्न स्थानों पर स्थापित किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रकाश सुविधा को मजबूत करना है।

दीपावली से पहले Durg Street Lights की मरम्मत पर जोर

दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहर की प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक सामग्री की खरीद की है। निगम के अनुसार, स्ट्रीट लाइटों के संधारण के लिए 15 लाख रुपये की लागत से सामग्री खरीदी गई है।

इस सामग्री का उपयोग बंद और खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत में तेजी लाने के लिए किया जाएगा। निगम का कहना है कि इससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

त्योहार के दौरान बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है। ऐसे में खराब स्ट्रीट लाइटों की समय पर मरम्मत नागरिकों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

खराब स्ट्रीट लाइटों को प्राथमिकता से ठीक करने के निर्देश

नगर निगम के अनुसार, शहर के विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइटों के संचालन और रखरखाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खराब लाइटों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य सुनिश्चित करें।

निगम ने कहा कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सड़कों तथा सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

Durg Street Lights के रखरखाव में नियमित निगरानी की भूमिका महत्वपूर्ण है। केवल सामग्री खरीदना या पोल स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खराब लाइटों की पहचान, समय पर मरम्मत और व्यवस्था की निरंतर जांच भी जरूरी है।

सुरक्षित आवागमन के लिए प्रकाश व्यवस्था पर जोर

नगर पालिक निगम, दुर्ग ने कहा कि वह नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शहर की प्रकाश व्यवस्था में सुधार के लिए उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न मदों से प्राप्त निधियों का उपयोग करते हुए आवश्यक कार्य लगातार कराए जा रहे हैं।

स्ट्रीट लाइटों की बेहतर व्यवस्था से रात में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर दृश्यता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे पैदल चलने वाले लोगों, वाहन चालकों और अन्य नागरिकों को सुविधा मिलती है।

अब मरम्मत कार्यों की गति और विभिन्न वार्डों में खराब लाइटों को ठीक करने की स्थिति पर ध्यान रहेगा। निगम के दावों का वास्तविक असर जानने के लिए जरूरी होगा कि कितनी लाइटें ठीक की गईं और कितने क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था में सुधार हुआ, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए।

Durg Street Lights को लेकर नगर निगम के स्पष्टीकरण में 23 करोड़ रुपये के विद्युत संधारण बजट की खबर को गलत बताया गया है। निगम ने विधायक निधि से लगभग 40 लाख रुपये की स्ट्रीट लाइट खरीद, 15वें वित्त आयोग से 50 लाख रुपये के ट्यूबलर पोल और दीपावली से पहले मरम्मत सामग्री पर 15 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी है। अब शहरवासियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत समय पर हो और दुर्ग के सभी संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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