Skip to main content

4thnation

रायपुर में ATM Fraud: अमेरिका से लौटे IT विशेषज्ञ से ₹1.89 लाख की ठगी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ATM Fraud का एक मामला सामने आया है, जहां अमेरिका से भारत लौटे भिलाई निवासी आईटी विशेषज्ञ प्रणय पुष्कर राजवाड़े को ठग ने अपना शिकार बना लिया। आरोपी ने एटीएम से रुपये निकालने में मदद करने के बहाने उनका कार्ड बदल दिया। इसके बाद 3 और 4 अक्टूबर के बीच उनके बैंक खाते से कुल 1.89 लाख रुपये निकाल लिए गए।

घटना की शिकायत मिलने के बाद डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

रायपुर में ATM Fraud का मामला: क्या है पूरी घटना?

जानकारी के अनुसार, प्रणय पुष्कर राजवाड़े भिलाई के निवासी हैं और अमेरिका की एक मेडिकल डिवाइस कंपनी में वरिष्ठ आईटी विश्लेषक के रूप में काम करते हैं। वह 3 अक्टूबर को अमेरिका से रायपुर पहुंचे थे।

एयरपोर्ट से भिलाई स्थित अपने घर जाते समय वह रिंग रोड पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एटीएम में रुपये निकालने पहुंचे। इसी दौरान वहां मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने मदद करने के बहाने उनसे संपर्क किया।

आरोप है कि करीब 35 से 40 वर्ष की उम्र के उस व्यक्ति ने इसी दौरान प्रणय का एटीएम कार्ड बदल दिया। शुरुआत में उन्हें इस धोखाधड़ी का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन बाद में उनके बैंक खाते से बड़ी रकम निकाले जाने की जानकारी सामने आई।

ATM कार्ड बदलकर खाते से निकाले ₹1.89 लाख

इस मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि आरोपी ने कथित तौर पर कार्ड बदलने के बाद पीड़ित के बैंक खाते से बड़ी रकम निकाल ली। जानकारी के मुताबिक, 3 और 4 अक्टूबर के बीच खाते से कुल 1.89 लाख रुपये निकाले गए।

एटीएम में अनजान व्यक्ति की मदद लेना कभी-कभी महंगा पड़ सकता है। ठग अक्सर लोगों का भरोसा जीतकर कार्ड बदलने, पिन देखने या दूसरी चालों के जरिए बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं।

हालांकि, प्रणय के मामले में रकम किस तरीके से और कितने अलग-अलग लेनदेन में निकाली गई, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुलिस जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

साइबर जागरूकता के लिए अभिनव पहल करने वाले जिलों और ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं का हुआ सम्मान

डीडी नगर पुलिस ने दर्ज किया मामला

पीड़ित प्रणय पुष्कर राजवाड़े की शिकायत पर रायपुर के डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

पुलिस के सामने अब आरोपी की पहचान करने और घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की चुनौती है। एटीएम में हुई इस घटना के संबंध में सीसीटीवी फुटेज, बैंक लेनदेन और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, इन बिंदुओं पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मामले में आरोपी की गिरफ्तारी या रकम की बरामदगी को लेकर भी फिलहाल कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

ATM Fraud से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

रायपुर में सामने आया यह ATM Fraud लोगों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी है। एटीएम का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर ऐसी घटनाओं का जोखिम कम किया जा सकता है।

  • अनजान व्यक्ति से मदद लेने से बचें: एटीएम में परेशानी होने पर बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर या संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें।
  • कार्ड खुद मशीन में डालें: अपना एटीएम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें और कार्ड वापस लेते समय उसका विवरण जांच लें।
  • पिन सुरक्षित रखें: पिन दर्ज करते समय कीपैड को हाथ से ढकें। इसे किसी दूसरे व्यक्ति को न बताएं।
  • बैंक अलर्ट पर ध्यान दें: खाते से होने वाले लेनदेन के एसएमएस और अन्य अलर्ट नियमित रूप से जांचें।
  • तुरंत शिकायत करें: कार्ड बदलने या अनधिकृत लेनदेन का संदेह होने पर बैंक को तुरंत सूचित करें और कार्ड ब्लॉक कराएं। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 का उपयोग किया जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए भारतीय स्टेट बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल देखें।

रायपुर में हुआ यह ATM Fraud बताता है कि एटीएम से पैसे निकालते समय छोटी-सी लापरवाही भी भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। अमेरिका से लौटे भिलाई निवासी आईटी विशेषज्ञ प्रणय पुष्कर राजवाड़े के खाते से 1.89 लाख रुपये निकाले जाने के मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। लोगों को अनजान व्यक्तियों पर भरोसा करने के बजाय बैंकिंग सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। समय पर शिकायत, कार्ड ब्लॉक कराने और बैंक लेनदेन पर नजर रखने से नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *