Industrial Policy के बाद छत्तीसगढ़ को अब तक करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी है। उन्होंने यह बात 24 सितंबर 2026 को नवा रायपुर में आयोजित CREDAI छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री के अनुसार, नई औद्योगिक नीति के बाद सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरना शुरू हो गई हैं। राज्य की आधिकारिक निवेश वेबसाइट पर Industrial Policy 2024-30 और जुलाई 2026 तक अपडेटेड नीति दस्तावेज उपलब्ध हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े क्षेत्र हैं। इनके बीच बेहतर समन्वय से प्रदेश में निवेश और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना बढ़ सकती है।
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Industrial Policy से निवेश का माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के लिए रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। बढ़ते शहरीकरण के साथ आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना की जरूरत भी बढ़ रही है।
उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों से गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय तथा व्यावसायिक परियोजनाओं में योगदान देने की अपील की।
सरकार की ओर से पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश अनुकूल वातावरण बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों को भी कार्यक्रम में रेखांकित किया गया।
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Industrial Policy और विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने वर्ष 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, बिजली, जल संसाधन, खनिज संपदा, कनेक्टिविटी और मानव संसाधन को महत्वपूर्ण आधार बताया।
उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ के लिए तैयार विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ का भी उल्लेख किया।
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स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा नया ग्रोथ इंजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसमें रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़कर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है।
स्टेट कैपिटल रीजन के माध्यम से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित करने की योजना है। सरकार के अनुसार, सुनियोजित शहरीकरण के लिए परिवहन, नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का समानांतर विकास जरूरी है।
Industrial Policy के साथ बस्तर में विकास और पर्यटन
कार्यक्रम में बस्तर के विकास और पर्यटन संभावनाओं का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियान के साथ विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान और ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया।
पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर के धुड़मारास गांव का उदाहरण दिया गया। UN Tourism के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार धुड़मारास को 2024 के Best Tourism Villages कार्यक्रम के Upgrade Programme में शामिल किया गया था।
राज्य सरकार बस्तर सहित प्रदेश में होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कह रही है। पर्यटन को नई औद्योगिक नीति में शामिल करने से इस क्षेत्र में निवेश और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य है।
सुशासन और रिफॉर्म पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 400 से अधिक सुधार किए हैं। विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने और ई-फाइल प्रणाली लागू करने की जानकारी भी दी गई।
सरकार के अनुसार, डिजिटलीकरण से प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों तथा निवेशकों के लिए सेवाओं को सरल बनाने में मदद मिल रही है।
राज्य की निवेश नीति और उपलब्ध नीतिगत दस्तावेजों की जानकारी छत्तीसगढ़ के निवेश विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर देखी जा सकती है।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में भी बदलाव
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए रजिस्ट्री प्रक्रिया को लगातार सरल बनाया जा रहा है। उन्होंने व्हाट्सऐप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने और ऑटो म्यूटेशन जैसे तकनीक आधारित सुधारों का उल्लेख किया।
उन्होंने महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने और गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री से संबंधित प्रक्रियाओं में किए गए सुधारों की भी जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ में Industrial Policy के बाद करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी राज्य सरकार की ओर से दी गई है। रियल एस्टेट, उद्योग, स्टेट कैपिटल रीजन, पर्यटन और अधोसंरचना को विकास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में सामने रखा गया है। आने वाले समय में इन प्रस्तावों में से कितनी परियोजनाएं वास्तविक निवेश और रोजगार में बदलती हैं, यह उनके क्रियान्वयन की प्रगति पर निर्भर करेगा।
