Shramik Kalyan Yojana को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2026 को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। घोषणाओं का फोकस श्रमिकों की सुविधा, आवागमन, स्वरोजगार और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण पर रहा।
सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से आए श्रमिक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के परिश्रम और कौशल की प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है।
Shramik Kalyan Yojana के तहत आधुनिक सुविधा केंद्र
मुख्यमंत्री ने शहरों में काम की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।
इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई। इसका उद्देश्य काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध कराना है।
यह घोषणा उन श्रमिकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें रोजगार की तलाश में प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है।
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Shramik Kalyan Yojana में ई-बाइक सहायता
मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की भी घोषणा की। इसका उद्देश्य काम के लिए लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के आवागमन को आसान बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों का आवागमन सीधे उनकी आजीविका और दैनिक जीवन की सुविधा से जुड़ा है। ई-बाइक जैसी सुविधा से काम पर आने-जाने में लगने वाले समय और परिवहन खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
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ई-रिक्शा सहायता राशि में बड़ा बदलाव
असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹1 लाख की जाएगी।
सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य पारंपरिक रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने और स्वरोजगार को मजबूत करने में सहायता देना है। इससे रिक्शा चालकों के लिए अपनी आय के साधन को आधुनिक बनाने का अवसर उपलब्ध होगा।
छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की आधिकारिक योजना सूची में भी दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना सहित श्रमिकों के लिए कई सहायता योजनाएं दर्ज हैं।
1.43 लाख श्रमिकों को ₹51.32 करोड़ से अधिक
राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के तहत 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से ₹51 करोड़ 32 लाख से अधिक की सहायता राशि अंतरित की।
इसके अलावा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि और सामग्री भी वितरित की गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। इनमें सामाजिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
Shramik Kalyan Yojana और शिक्षा पर जोर
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को भी सम्मेलन में प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा देने की बात कही गई। दिए गए विवरण के अनुसार योजना के पहले वर्ष 100 बच्चों को लाभ मिला था, जिसे अब 200 बच्चों तक बढ़ाया गया है।
छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, मेधावी शिक्षा और निःशुल्क कोचिंग जैसी योजनाएं भी सूचीबद्ध हैं।
मनिंदर कौर को लैपटॉप और ₹1.75 लाख की सहायता
महासम्मेलन में श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और ₹1.75 लाख का चेक प्रदान किया गया। मनिंदर ने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश सुनिश्चित किया है।
उनकी इंजीनियरिंग शिक्षा का खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किए जाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि को श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
यह पहल श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ी है।
100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा
सम्मेलन में 100 श्रमिक दीदियों को दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत ई-रिक्शा की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर ई-रिक्शा को रवाना किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी महिलाओं से बातचीत कर उन्हें स्वरोजगार के लिए शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की योजना सूची में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के लिए पात्रता और सहायता से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने किया भोजन
महासम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों से आई श्रमिक महिलाओं के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। इस दौरान उन्होंने उनके कामकाज, परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं और लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी तो नहीं है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जा सकती है, जब पात्र श्रमिकों तक उनका लाभ सरलता और समय पर पहुंचे।
डिजिटल तकनीक से योजनाओं को आसान बनाने की पहल
महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने राज्य की नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ तथा PVC और QR कोड युक्त नवीन श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया।
सरकार के अनुसार डिजिटल माध्यम से पंजीयन और योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग की वेबसाइट पर वर्तमान में श्रमिक पंजीयन, योजना आवेदन और पात्रता जांच जैसी ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं।
केंद्र स्तर पर भी असंगठित श्रमिकों के लिए e-Shram और PM-SYM जैसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाएं संचालित हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार PM-SYM पात्र असंगठित श्रमिकों के लिए अंशदायी पेंशन योजना है।
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Shramik Kalyan Yojana से जुड़े सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुविधा केंद्र, ई-बाइक सहायता और ई-रिक्शा सहायता राशि बढ़ाने जैसी घोषणाएं कीं। इसके साथ 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को ₹51.32 करोड़ से अधिक की DBT सहायता, 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा और श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया गया। इन पहलों का घोषित उद्देश्य श्रमिकों की सुविधा, स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
