Jashpur Dahi Handi Utsav में रविवार, 6 सितंबर 2026 को जशपुर के रंजीता स्टेडियम में आस्था, भक्ति और उत्साह का शानदार संगम देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे इस आयोजन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। हजारों श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों की मौजूदगी से पूरा स्टेडियम जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं और गोविंदाओं का उत्साह बढ़ाते हुए दही हांडी उत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि दही हांडी जैसे पारंपरिक आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
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Jashpur Dahi Handi Utsav में दिखी गोविंदाओं की शक्ति
Jashpur Dahi Handi Utsav का सबसे बड़ा आकर्षण गोविंदा टोलियों द्वारा दही हांडी फोड़ने का रोमांचक प्रदर्शन रहा। एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर गोविंदाओं ने ऊंचाई तक पहुंचने का प्रयास किया और साहस, अनुशासन तथा सामूहिक शक्ति का परिचय दिया।
दही हांडी फूटते ही रंजीता स्टेडियम में जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज उठे। दर्शकों ने गोविंदा टोलियों का उत्साह बढ़ाया और पूरा माहौल भक्ति तथा उमंग से भर गया।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि गोविंदाओं की टोली हमें सिखाती है कि विश्वास, सहयोग और सामूहिक प्रयास से कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
श्रीकृष्ण के आदर्शों का संदेश
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और संदेश में समाज को सही दिशा देने की शक्ति है। उनके आदर्शों में प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य और लोककल्याण की भावना प्रमुख है।
उन्होंने लोगों से श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में प्रेम, शांति तथा भाईचारे को बढ़ाने की अपील की।
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संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विविध धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों से है।
Jashpur Dahi Handi Utsav जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे पर्व परंपराओं को जीवंत रखने के साथ सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा देते हैं।
मंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी पहचान है और इन परंपराओं को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय भी देश की सांस्कृतिक विरासत तथा मूर्त और अमूर्त कला-संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को अपने प्रमुख दायित्वों में शामिल करता है।
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सामाजिक समरसता का संदेश
रंजीता स्टेडियम में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों और भजनों ने आयोजन के माहौल को और भक्तिमय बना दिया।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक मंच पर लाने का काम करते हैं। ऐसे अवसरों पर लोग आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ पर्व मनाते हैं, जिससे सहयोग और सामाजिक सद्भाव मजबूत होता है।
जशपुर की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई ऊर्जा
मंत्री ने Jashpur Dahi Handi Utsav के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, गोविंदा टोलियों और श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
उन्होंने कहा कि जशपुर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं जिले की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे आयोजन जशपुर की सांस्कृतिक जीवंतता को प्रदेश और देश के सामने प्रस्तुत करने के साथ सामाजिक एकता को भी मजबूती देते हैं।
Jashpur Dahi Handi Utsav ने इस बार केवल श्रीकृष्ण भक्ति और उत्सव का संदेश नहीं दिया, बल्कि प्रेम, भाईचारे, सहयोग और सामाजिक समरसता की मजबूत तस्वीर भी पेश की। गोविंदाओं की सामूहिक शक्ति और श्रद्धालुओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि एकजुट होकर आगे बढ़ने से समाज और मजबूत बनता है। श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रेम, शांति और सद्भाव को आगे बढ़ाना ही इस उत्सव का सबसे बड़ा संदेश रहा।
