Teacher’s Day यानी शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं कल्याण तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम रहे। समारोह में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद रहे।
समारोह का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करना और समाज में गुरु की भूमिका को रेखांकित करना रहा।
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Teacher’s Day पर रामविचार नेताम का बड़ा संदेश
Teacher’s Day कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में गुरुजनों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनमें नैतिक मूल्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार भी विकसित करते हैं। शिक्षक बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और नई चीजें सीखने की जिज्ञासा को भी बढ़ावा देते हैं।
मंत्री ने कहा कि ज्ञान और मार्गदर्शन के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देते हैं। इसी वजह से समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
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Teacher’s Day पर युवाओं के भविष्य पर जोर
रामविचार नेताम ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय और नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है।
इन संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बेहतर शिक्षा और भविष्य के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा को युवाओं के सशक्त भविष्य की मजबूत नींव बताया।
21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान
Teacher’s Day समारोह में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुल 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें जिला स्तर पर दिए जाने वाले ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए तीन शिक्षकों का चयन किया गया।
ज्ञानदीप पुरस्कार से श्री श्याम सुंदर चौरगे, शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर; श्रीमती नीलीमा एक्का, शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा और श्री जवाहर लाल पैकरा, प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़ को सम्मानित किया गया।
इन शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार समारोह में शिक्षकों के प्रति सम्मान और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी देखने को मिला।
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शिक्षादूत पुरस्कार से 18 शिक्षक सम्मानित
जिले के विभिन्न विकासखंडों से 18 शिक्षकों को शिक्षादूत पुरस्कार प्रदान किया गया। इन शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
शिक्षादूत पुरस्कार के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित किया गया। वहीं ज्ञानदीप पुरस्कार ने जिला स्तर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों के कार्य को पहचान दिलाई।
Teacher’s Day ने याद दिलाई गुरु की अहमियत
शिक्षक दिवस का यह आयोजन केवल पुरस्कार देने तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में शिक्षकों की सामाजिक भूमिका और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस तरह करें कि बच्चे समाज के लिए मिसाल बन सकें।
शिक्षकों से उम्मीद की गई कि वे विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ जिम्मेदारी, अनुशासन, नैतिकता और सकारात्मक सोच जैसे गुण विकसित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें।
समारोह में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी और नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी समारोह में शामिल हुए। बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
Teacher’s Day पर बलरामपुर-रामानुजगंज में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह ने गुरुजनों के योगदान को सम्मान देने के साथ शिक्षा की व्यापक भूमिका को सामने रखा। 21 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान और रामविचार नेताम का संदेश इस बात को रेखांकित करता है कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि पीढ़ी, समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं।
