Ketan Agarwal Murder मामले में पुणे पुलिस की जांच को शनिवार, 5 सितंबर 2026 को नया मोड़ मिला। पुलिस ने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में 22 वर्षीय रितेश हंगे को गिरफ्तार किया है। वह मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का दोस्त बताया जा रहा है।
केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले में हुई थी। शुरुआत में इसे ऊंचाई से गिरने का हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले जिनसे मामला कथित हत्या की ओर मुड़ गया।
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Ketan Agarwal Murder: रितेश हंगे पर क्या है आरोप?
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि रितेश हंगे कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खत्म करने की योजना से परिचित था। पुलिस का आरोप है कि उसे पहले की योजना की जानकारी थी, जिसमें केतन को घायल करने और बाद में उसकी हत्या करने की बात थी।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद चेतन चौधरी ने रितेश से संपर्क कर उसे कथित हत्या के बारे में जानकारी दी। इसके बाद जांचकर्ताओं ने रितेश की भूमिका को लेकर डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।
रितेश, जो मूल रूप से बीड का रहने वाला बताया गया है, को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उसे वडगांव मावल सेशन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
Ketan Agarwal Murder की जांच में मोबाइल चैट से खुलासा
पुलिस के अनुसार, रितेश की कथित भूमिका का सुराग एक बरामद मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के बाद मिला। जांचकर्ताओं का दावा है कि फोन से ऐसे चैट सामने आए जिनमें केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देने और घटना के सबूत मिटाने से संबंधित बातचीत थी।
इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच अब पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, चैट और अन्य डिजिटल सामग्री में सामने आए दावों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।
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हादसे से हत्या तक कैसे पहुंची जांच?
18 जून को केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के लिए गया था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि वह फोटो खिंचवाते समय फिसलकर खाई में गिर गया।
लेकिन केतन की बहन को इस कहानी पर संदेह था। अंतिम संस्कार के बाद भी उन्होंने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। घटना के कुछ दिन बाद जब सिया परिवार से मिलने पहुंची, तब केतन की बहन ने उससे लोहागढ़ की घटना के बारे में विस्तार से सवाल किए।
बताया गया कि सिया के जवाबों में कथित असंगतियों के बाद परिवार ने पुलिस से दोबारा जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
Ketan Agarwal Murder में सिया और चेतन की भूमिका
जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित संबंध का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क था और जनवरी से जून के बीच उनके बीच बड़ी संख्या में फोन कॉल हुई थीं।
CCTV फुटेज में पुलिस को एक हुडी पहने व्यक्ति की गतिविधियां भी संदिग्ध लगीं। जांच के दौरान उस व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में किए जाने का दावा किया गया। पुलिस ने बाद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देने की योजना बनाई थी। जून के अंत में पुलिस ने दोनों को घटनास्थल पर ले जाकर कथित अपराध का क्राइम सीन भी रीक्रिएट किया था।
पासपोर्ट कांड ने भी बढ़ाया शक
जांच में केतन की शादी से पहले की यात्रा से जुड़ा एक और पहलू सामने आया। परिवार के अनुसार, केतन और सिया को 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए मुंबई से बाली जाना था, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने पर केतन का पासपोर्ट नहीं मिला।
केतन के पिता ने दावा किया कि सभी पासपोर्ट एक ही पाउच में रखे गए थे, लेकिन बाद में केवल केतन का पासपोर्ट गायब मिला। पुलिस ने इस घटना को भी जांच के दायरे में रखा और कथित तौर पर पासपोर्ट से जुड़े डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की।
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आगे क्या होगी पुलिस की कार्रवाई?
रितेश हंगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका, मोबाइल चैट, अन्य आरोपियों से संपर्क और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जांच करेगी।
जांचकर्ताओं के लिए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद डिजिटल साक्ष्य और अन्य फोरेंसिक सामग्री अदालत में किस तरह मामले को समर्थन देती है। फिलहाल पुलिस के आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
Ketan Agarwal Murder केस में रितेश हंगे की गिरफ्तारी ने जांच को एक नया आयाम दिया है। पुलिस का दावा है कि मोबाइल फोन से बरामद चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से कथित साजिश में उसकी भूमिका सामने आई। अब 12 सितंबर तक की पुलिस हिरासत में पूछताछ से यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि केतन अग्रवाल की मौत की कथित साजिश में कितने लोग शामिल थे और घटनाक्रम वास्तव में कैसे हुआ।
