ISS यानी International Space Station एक बार फिर महत्वपूर्ण सप्लाई मिशन के लिए तैयार है। रूस की अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos का बिना चालक वाला Progress 96 कार्गो स्पेसक्राफ्ट करीब तीन टन भोजन, ईंधन और दूसरी जरूरी सप्लाई लेकर अंतरिक्ष स्टेशन की ओर रवाना होगा।
NASA के मुताबिक Progress 96 को 9 सितंबर 2026 को कजाखस्तान के Baikonur Cosmodrome से Soyuz रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाना है। लॉन्च का निर्धारित समय 12:15 p.m. EDT है, जबकि NASA की लाइव कवरेज दोपहर 12 बजे EDT से शुरू होगी।
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Progress 96 कब और कहां लॉन्च होगा?
Progress 96 को Soyuz 2.1a रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन International Space Station पर मौजूद Expedition 75 के सात सदस्यीय दल के लिए जरूरी सामान पहुंचाएगा।
लॉन्च के बाद कार्गो यान लगभग दो दिनों की यात्रा करेगा। इसके बाद यह स्टेशन के रूसी हिस्से में मौजूद Poisk मॉड्यूल के space-facing port पर ऑटोनॉमस तरीके से डॉक करेगा। NASA ने डॉकिंग के लिए 11 सितंबर को 2:37 p.m. EDT का समय निर्धारित किया है।
ISS तक कैसे पहुंचेगा Progress 96?
Progress 96 के ऑर्बिट में पहुंचने के बाद मिशन कंट्रोल इसकी यात्रा और स्टेशन के साथ rendezvous को मॉनिटर करेगा। स्टेशन के करीब पहुंचने पर स्पेसक्राफ्ट की ऑटोनॉमस डॉकिंग प्रक्रिया शुरू होगी।
यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कार्गो यान को तेज गति से पृथ्वी की कक्षा में घूम रहे स्टेशन के साथ सटीक तरीके से जुड़ना होता है। Progress 96 के सफल पहुंचने से Expedition 75 के लिए भोजन, ईंधन और अन्य जरूरी सामग्री का स्टॉक बढ़ेगा।
NASA के अनुसार, यह Progress 96 मिशन को स्टेशन की सप्लाई व्यवस्था का हिस्सा बनाता है, जिससे लगातार चल रहे वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष यात्रियों के दैनिक कार्यों को सहयोग मिलता है।
Progress 94 की होगी विदाई
Progress 96 के पहुंचने से पहले मौजूदा Progress 94 को स्टेशन से अलग किया जाएगा। NASA के अनुसार Progress 94 7 सितंबर 2026 को लगभग 11:18 a.m. EDT पर ISS से undock होगा।
Progress 94 के undocking का NASA की ओर से लाइव प्रसारण नहीं किया जाएगा। स्टेशन से अलग होने के बाद यह कार्गो यान नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करेगा और नष्ट हो जाएगा।
Progress 94 के हटने के बाद Progress 96 के लिए Poisk मॉड्यूल का संबंधित पोर्ट खाली हो जाएगा। इसी पोर्ट पर नए कार्गो स्पेसक्राफ्ट की डॉकिंग निर्धारित है।
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ISS की तैयारी और Expedition 75
Progress 96 के आने से पहले स्टेशन की कक्षा को भी नए मिशन के अनुरूप तैयार किया गया है। NASA के मुताबिक Cygnus XL ने 27 अगस्त को अपने थ्रस्टर्स चलाकर International Space Station की कक्षा को बढ़ाया था।
यह maneuver Progress 96 के rendezvous और docking के लिए स्टेशन की स्थिति को सही करने में मदद करता है। Cygnus XL NASA के Commercial Resupply Services-24 मिशन का हिस्सा है और अप्रैल में स्टेशन पहुंचा था।
इस समय Expedition 75 के सात सदस्य स्टेशन पर वैज्ञानिक अनुसंधान, पृथ्वी अवलोकन, सिस्टम मेंटेनेंस और दूसरे कार्य कर रहे हैं। हाल ही में Jessica Meir और Sophie Adenot ने स्टेशन के बाहर करीब 6 घंटे 49 मिनट की spacewalk पूरी की थी।
ISS मिशन की लाइव स्ट्रीमिंग कैसे देखें?
NASA Progress 96 के लॉन्च और डॉकिंग दोनों की लाइव कवरेज करेगा। लॉन्च की कवरेज 9 सितंबर को 12:00 p.m. EDT से शुरू होगी।
डॉकिंग की लाइव कवरेज 11 सितंबर को 1:45 p.m. EDT से शुरू होगी, जबकि वास्तविक डॉकिंग का निर्धारित समय 2:37 p.m. EDT है। NASA+ के अलावा अन्य प्लेटफॉर्म पर भी कवरेज उपलब्ध होगी।
भारत में दर्शकों के लिए EDT से IST में समय का अंतर ध्यान रखना जरूरी है। सितंबर में 12:15 p.m. EDT का मतलब भारत में रात 9:45 बजे IST होगा।
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ISS पर आगे क्या होगा?
Progress 96 के स्टेशन से जुड़ने के बाद यह करीब पांच महीने तक ऑर्बिटिंग लैब से जुड़ा रहेगा। इसके बाद इसे स्टेशन से अलग किया जाएगा और पृथ्वी के वायुमंडल में नियंत्रित तरीके से पुनः प्रवेश कराया जाएगा।
ISS पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से लगातार मानव उपस्थिति वाला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन है। NASA के अनुसार यहां ऐसे वैज्ञानिक प्रयोग किए जाते हैं जो पृथ्वी पर समान परिस्थितियों में करना संभव नहीं होते।
ISS के लिए Progress 96 मिशन आने वाले दिनों का महत्वपूर्ण अंतरिक्ष अभियान है। करीब तीन टन भोजन, ईंधन और जरूरी सप्लाई लेकर आने वाला यह कार्गो यान Expedition 75 के सात अंतरिक्ष यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सामग्री पहुंचाएगा।
9 सितंबर को लॉन्च और 11 सितंबर को निर्धारित डॉकिंग के साथ यह मिशन स्टेशन की लगातार सप्लाई व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। Progress 94 की विदाई और Progress 96 की नई डॉकिंग के बीच होने वाली यह प्रक्रिया दिखाती है कि ISS पर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और मानवीय गतिविधियां लगातार जारी हैं।
