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Mainpat River Accident में छात्र बहा

Mainpat River Accident ने छत्तीसगढ़ के मैनपाट में चिंता बढ़ा दी है। शनिवार, 29 अगस्त को केरल के रहने वाले 25 वर्षीय छात्र यदु कृष्णन उफनती घुंघुट्टा नदी में बह गए। हादसा उस समय हुआ, जब वह एक अन्य छात्रा के साथ बाइक से बाढ़ के पानी से भरे कॉजवे को पार कर रहे थे।

यदु कृष्णन और उनके साथ मौजूद 22 वर्षीय गौरी नंदन दोनों केरल के रहने वाले हैं और रायपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों शनिवार को घूमने के लिए मैनपाट पहुंचे थे और दलदली से टाइगर प्वाइंट की ओर जा रहे थे।

मैनपाट सरगुजा जिले का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है और जिला प्रशासन की वेबसाइट पर टाइगर प्वाइंट को यहां के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया है।

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Mainpat River Accident: बाइक फिसली और नदी में गिरे

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण घुंघुट्टा नदी उफान पर थी। नदी का पानी कॉजवे के ऊपर से बह रहा था। इसके बावजूद लोग इस रास्ते से आवागमन कर रहे थे।

बताया गया कि दोनों बाइक से कॉजवे पार कर रहे थे। इसी दौरान सामने से एक कार आ रही थी। कार को रास्ता देने की कोशिश में बाइक का संतुलन बिगड़ गया। फिसलन और तेज बहाव के कारण मोटरसाइकिल स्किड हो गई और दोनों नदी में गिर पड़े।

नदी में गिरने के बाद दोनों ने मदद के लिए आवाज लगाई। तेज बहाव के बीच उनकी आवाज सुनकर स्थानीय निवासी समशुद्दीन खान मौके पर पहुंचे।

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रस्सी फेंककर गौरी नंदन को बचाया

समशुद्दीन खान के मुताबिक, जब वह नदी के पास पहुंचे तब तक युवक तेज बहाव में बह चुका था। वहीं गौरी नंदन पानी के बीच संघर्ष कर रही थीं।

खान ने तुरंत रस्सी लेकर उनकी मदद करने की कोशिश की। उन्होंने गौरी की ओर करीब चार से पांच बार रस्सी फेंकी। आखिरकार गौरी ने रस्सी पकड़ ली, जिसके बाद स्थानीय युवक ने उन्हें खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इस तरह Mainpat River Accident में छात्रा की जान बच गई, लेकिन यदु कृष्णन का अब तक पता नहीं चल सका है।

SDRF ने शुरू किया तलाश अभियान

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी SDRF की टीम को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया।

पुलिस और SDRF की टीम नदी में लापता छात्र की तलाश कर रही है। हालांकि लगातार बारिश और रोशनी कम होने के कारण शनिवार शाम तक तलाश अभियान में कोई सफलता नहीं मिली थी।

सुरगुजा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर आपदा प्रबंधन से संबंधित अधिकारियों और तहसील स्तर के संपर्क विवरण उपलब्ध हैं।

लगातार बारिश बनी बड़ी चुनौती

बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती नदी का तेज बहाव और लगातार हो रही बारिश रही। मौसम विभाग ने 29 अगस्त को छत्तीसगढ़ के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी और अगले दिनों के लिए भी बारिश का अनुमान दर्ज किया था।

तेज बहाव वाली नदी और पानी से डूबे कॉजवे को पार करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में इस घटना ने बारिश के दौरान पर्यटन स्थलों और नदी-नालों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

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Mainpat River Accident से उठे सुरक्षा सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नदी का पानी कॉजवे के ऊपर से बह रहा था, तब भी लोगों को उस रास्ते से गुजरने की अनुमति कैसे मिली। बरसात के दौरान अचानक बढ़ता जलस्तर और फिसलन वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

विशेषज्ञों की सामान्य सलाह भी यही रहती है कि तेज बहाव वाले पानी में वाहन लेकर प्रवेश नहीं करना चाहिए। खासकर कॉजवे या छोटी पुलिया पर पानी बह रहा हो तो सुरक्षित स्थान पर रुकना ज्यादा बेहतर होता है।

पुलिस ने दोनों छात्रों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी है। मामले की जांच भी की जा रही है। फिलहाल यदु कृष्णन की तलाश जारी रहने की जानकारी दी गई है।

Mainpat River Accident में 25 वर्षीय छात्र यदु कृष्णन के नदी में बहने की घटना बेहद दुखद है। गौरी नंदन को स्थानीय निवासी समशुद्दीन खान की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि यदु की तलाश SDRF और पुलिस की टीम कर रही है। लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव ने रेस्क्यू ऑपरेशन को मुश्किल बना दिया है। यह हादसा बरसात के दौरान उफनती नदियों और जलमग्न कॉजवे को पार करने के जोखिम की गंभीर याद दिलाता है।

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