Skip to main content

4thnation

Chhattisgarh Archery को बढ़ावा देने की मांग

Chhattisgarh Archery को प्रदेश में नई गति देने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश तीरंदाजी संघ ने राज्य सरकार से जरूरी खेल सामग्री और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष कैलाश मुरारका ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर तीरंदाजी खिलाड़ियों के लिए संसाधन बढ़ाने का अनुरोध किया है।

संघ का कहना है कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में तीरंदाजी की काफी प्रतिभा मौजूद है। अगर इन खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, प्रशिक्षित कोच और जरूरी उपकरण मिलें तो वे राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

CM विष्णुदेव साय को भेजा पत्र

प्रदेश तीरंदाजी संघ ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में तीरंदाजी के विकास के लिए आर्थिक सहयोग और खेल संसाधन उपलब्ध कराने की मांग रखी है। संघ ने संबंधित विभाग को भी इस दिशा में आवश्यक पहल के निर्देश देने का अनुरोध किया है।

संघ का लक्ष्य राज्य के अलग-अलग जिलों से प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान करना और उन्हें प्रशिक्षण के साथ आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराना है। इससे अधिक खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

Chhattisgarh Archery के लिए 30 साल से प्रयास

संघ के मुताबिक वह करीब 30 वर्षों से खिलाड़ियों को तीरंदाजी का प्रशिक्षण देने और उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का काम कर रहा है।

इस दौरान जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। संघ का दावा है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी खिलाड़ी की प्रतिभा प्रभावित न हो, इसके लिए लगातार सहयोग की व्यवस्था की गई है।

यह भी पढ़ें: Alliance Air Flight की लैंडिंग में टायर फटा

प्रतियोगिताओं के लिए खेल सामग्री की जरूरत

संघ के अनुसार राज्य, जिला, स्कूल और आदिवासी स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताएं जल्द शुरू होने वाली हैं। इन प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए विभिन्न प्रकार के उपकरणों की जरूरत होगी।

इनमें आर्चरी स्टैंड, बट्स, टारगेट फेस, पिन सहित अन्य आवश्यक खेल सामग्री शामिल है। संघ खिलाड़ियों और खेल संस्थाओं को यह सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था करता है।

संघ के मुताबिक यह सामग्री बाजार कीमत की तुलना में करीब 25 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। जिला संघ, स्कूल, प्रशिक्षण केंद्र और खिलाड़ी अपनी जरूरत की सामग्री की जानकारी समय पर संघ को दे सकते हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को फायदा

तीरंदाजी जैसे खेल में उपकरण और प्रशिक्षण का खर्च कई खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में संघ की ओर से प्रतियोगिताओं में आर्थिक सहयोग देने की व्यवस्था महत्वपूर्ण बताई गई है।

संघ अध्यक्ष के अनुसार पिछले करीब 30 वर्षों से जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों से भाग लेने या उन्हें प्रतियोगिता में भेजने के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया गया है।

संघ ने बताया कि यह व्यवस्था NMDC, NTPC, राज्य सरकार और अन्य सहयोगियों की मदद से चलती रही है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने का अवसर देना है।

Chhattisgarh Archery में ग्रामीण प्रतिभाओं पर जोर

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में तीरंदाजी से जुड़ी प्रतिभाओं को पहचानने पर संघ विशेष जोर दे रहा है। संघ का मानना है कि इन क्षेत्रों में मौजूद खिलाड़ियों को अगर स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें तो उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

जिला स्तर पर मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था तैयार होने से खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के साथ प्रतियोगिताओं का अनुभव भी मिलेगा।

हर जिले में कोच और संसाधनों की मांग

संघ का कहना है कि पदक जीतने के लिए केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती। खिलाड़ी को नियमित अभ्यास, अच्छे उपकरण, प्रशिक्षित कोच और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अनुभव भी जरूरी है।

इसी वजह से संघ ने हर जिले में तीरंदाजी के लिए जरूरी संसाधन और प्रशिक्षित कोच उपलब्ध कराने की मांग की है। इससे स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की तैयारी को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

प्रशिक्षित कोच की उपलब्धता से खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और प्रतियोगिता की तैयारी को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकता है।

सरकार से सहयोग की उम्मीद

प्रदेश तीरंदाजी संघ ने मुख्यमंत्री से खेल संसाधनों के साथ आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। संघ चाहता है कि संबंधित विभाग इस विषय पर जरूरी कदम उठाए और जिलों में तीरंदाजी के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाए।

संघ के अनुसार उसका उद्देश्य हर जिले से प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें उचित प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के लिए अधिक पदक हासिल करने की दिशा में काम करना है।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Chhattisgarh Archery का भविष्य

यदि राज्य में जिला स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण केंद्र, प्रशिक्षित कोच और पर्याप्त उपकरण उपलब्ध होते हैं, तो तीरंदाजी की प्रतिभाओं को लंबे समय तक अभ्यास का अवसर मिल सकता है।

खास तौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध होना बड़ा बदलाव ला सकता है। हालांकि, इन मांगों पर सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और कार्रवाई की जानकारी अलग से सामने आना बाकी है।

Chhattisgarh Archery को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश तीरंदाजी संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से खेल सामग्री, प्रशिक्षित कोच, आर्थिक सहयोग और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की मांग की है। संघ का दावा है कि वह करीब तीन दशक से खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। यदि हर जिले में पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, तो ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिल सकता है।

One thought on “Chhattisgarh Archery को बढ़ावा देने की मांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *