Chhattisgarh Farmer Schemes के तहत राज्य के किसानों को खेती को आधुनिक बनाने, लागत कम करने और आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए कई योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन योजनाओं में आर्थिक सहायता के साथ कृषि मशीनरी, सिंचाई, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
राज्य में सरकार का जोर खेती को आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने पर भी है। DBT, e-KYC और एग्रीस्टैक जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
Chhattisgarh Farmer Schemes में कृषक उन्नति योजना
छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में कृषक उन्नति योजना शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक करीब 25.52 लाख किसानों को DBT के माध्यम से 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि गतिविधियों के लिए आर्थिक सहयोग देना है। पात्र किसानों के बैंक खाते और कृषि रिकॉर्ड की जानकारी अपडेट होना जरूरी है, ताकि सहायता राशि DBT के माध्यम से पहुंच सके।
यह भी पढ़ें: BJP New Team में 65 पदाधिकारियों की घोषणा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी PM-Kisan का लाभ छत्तीसगढ़ के पात्र किसानों को भी मिल रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई।
लाभ के लिए किसानों का योजना में पंजीकरण, e-KYC, आधार लिंकिंग और बैंक खाते की सही जानकारी जरूरी है।
Chhattisgarh Farmer Schemes में कृषि यंत्रीकरण
आधुनिक कृषि मशीनों से खेती में समय और श्रम की बचत होती है। इसी उद्देश्य से राज्य में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं सामूहिक रूप से मशीनरी उपलब्ध कराने के लिए 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं।
किसान संबंधित कृषि विभाग की योजना के तहत पात्रता के अनुसार कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
सिंचाई की सुविधा और पानी के बेहतर उपयोग के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में करीब 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे पानी की बचत और सिंचाई दक्षता बढ़ाने में मदद मिलती है।
प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी पर जोर
रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में 57 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़े जाने की जानकारी है।
इसके साथ ही फल, सब्जी और दूसरी उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र को भी बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल 8.91 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने की जानकारी दी गई है।
हाईटेक नर्सरी, पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर है।
Chhattisgarh Farmer Schemes में पशुपालन और मत्स्य पालन
किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन और डेयरी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं मत्स्य पालन को भी ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का साधन बनाने पर जोर है। उपलब्ध आंकड़ों में राज्य के मत्स्य उत्पादन में करीब 23 प्रतिशत वृद्धि होकर 9.59 लाख टन तक पहुंचने का उल्लेख है।
e-NAM से 21 मंडियां जुड़ीं
किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ की 21 कृषि मंडियां e-NAM से जुड़ चुकी हैं। डिजिटल बाजार व्यवस्था से कृषि उपज के कारोबार में पारदर्शिता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा कृषि अवसंरचना निधि के तहत राज्य के लिए निर्धारित 1,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 3,026 करोड़ रुपये की उपलब्धि का उल्लेख किया गया है।
डिजिटल सेवाओं से आसान होगा लाभ
किसानों को योजनाओं का लाभ तेजी से दिलाने के लिए एग्रीस्टैक, e-KYC और DBT जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।
किसानों को अपना आधार, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और e-KYC से जुड़ी जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। किसी योजना के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग से नवीनतम पात्रता और नियम जरूर जांचने चाहिए।
किसानों के लिए योजनाओं का दायरा बढ़ा
Chhattisgarh Farmer Schemes अब केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं। कृषि मशीनरी, सिंचाई, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण और बाजार व्यवस्था को भी कृषि विकास से जोड़ा जा रहा है।
इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आय के दूसरे विकल्प विकसित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि प्रत्येक योजना की पात्रता, सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया अलग हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए प्रमुख योजनाएं कौन-सी हैं?
कृषक उन्नति योजना, PM-Kisan, कृषि यंत्रीकरण, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं।
किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए क्या करना चाहिए?
किसानों को आधार, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और e-KYC की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। साथ ही संबंधित विभाग से योजना की वर्तमान पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।
कृषि यंत्रों पर सहायता कैसे मिलेगी?
पात्र किसान कृषि विभाग की संबंधित योजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कृषि यंत्रों पर उपलब्ध सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में किसानों को आर्थिक सहायता के साथ आधुनिक तकनीक, सिंचाई, कृषि मशीनरी और वैकल्पिक आय के साधनों से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। Chhattisgarh Farmer Schemes के जरिए खेती को अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित और किसान-केंद्रित बनाने पर जोर है। किसानों को चाहिए कि वे किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले आधिकारिक स्रोत से पात्रता और नवीनतम नियमों की जानकारी जरूर लें।
