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Korba Girls Hostel में छात्राओं की शिकायत से मचा हड़कंप

Girls Hostel Korba यानी कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा स्थित 100 सीटर कन्या छात्रावास की छात्राओं की शिकायत के बाद मामला गरमा गया है। छात्राओं की समस्याएं सुनने के लिए NSUI की टीम छात्रावास पहुंची और उनसे मुलाकात की।

छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षिका पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। NSUI ने शिकायतों को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्र में 100 सीटों वाला कन्या आवासीय विद्यालय भी संचालित है। हालांकि, इस खबर में संबंधित छात्रावास की प्रशासनिक व्यवस्था और शिकायतों पर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं।

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Girls Hostel Korba में छात्राओं की शिकायत

छात्राओं ने आरोप लगाया कि अधीक्षिका की ओर से उन्हें कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता है। छात्राओं के मुताबिक, उनसे जबरन मालिश करवाने का दबाव बनाया जाता है और मना करने पर धमकी देने की बात कही गई है।

छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे घरेलू और निजी काम करवाए जाते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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अधीक्षिका पर गंभीर आरोप

छात्राओं का कहना है कि छात्रावास में उन्हें पढ़ाई और रहने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। लेकिन उनके अनुसार कथित व्यवहार के कारण वे मानसिक दबाव में हैं।

छात्राओं की शिकायत सामने आने के बाद NSUI की टीम ने उनसे बातचीत की और उनकी समस्याओं को दर्ज किया। NSUI नेताओं ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।

Girls Hostel Korba में खाने को लेकर भी शिकायत

छात्राओं ने छात्रावास में भोजन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता और खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं रहती।

छात्राओं ने दावा किया कि भोजन के संबंध में शिकायत या अतिरिक्त खाना मांगने पर कथित तौर पर अमानवीय भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। इन आरोपों की भी जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी।

छत्तीसगढ़ के आदिवासी विकास विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों में कन्या छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा, व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं पर विशेष प्रावधानों का उल्लेख है।

शिकायत के बाद NSUI ने उठाया मुद्दा

NSUI जिला सचिव इमरान अली के अनुसार, छात्राएं पहले भी संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रख चुकी हैं। उन्होंने बताया कि छात्राओं की ओर से प्रदर्शन भी किया गया था।

NSUI का आरोप है कि शिकायत और प्रदर्शन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने जिला प्रशासन से छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनने और उचित कदम उठाने की मांग की है।

15 दिन का अल्टीमेटम, चक्का जाम की चेतावनी

NSUI और अन्य छात्र संगठनों ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन का कहना है कि इस अवधि में यदि छात्राओं की मांगों पर समाधान नहीं हुआ और अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो 16वें दिन उग्र चक्का जाम किया जाएगा।

इस चेतावनी के बाद अब प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से विस्तृत जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

प्रशासन से जांच और सुरक्षा की मांग

NSUI ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन के अनुसार, जांच के आधार पर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इसके अलावा छात्रावास में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने और भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की मांग भी की गई है।

छात्राओं के लिए निगरानी समिति की मांग

NSUI ने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छात्रावास में निगरानी समिति गठित करने की मांग की है। साथ ही संगठन ने मौजूदा अधीक्षिका को तत्काल हटाने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।

जिला प्रशासन कोरबा की वेबसाइट पर संबंधित विभागों और अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच होने के बाद छात्राओं के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Girls Hostel Korba में छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने छात्रावासों में सुरक्षा, भोजन और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। NSUI ने जांच, कार्रवाई और छात्राओं की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था की मांग की है। अब प्रशासन पर 15 दिन के अल्टीमेटम के बीच निष्पक्ष जांच कर छात्राओं की शिकायतों का समाधान करने की जिम्मेदारी है।

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