Skip to main content

4thnation

छत्तीसगढ़ में Green Steel को मिला बड़ा निवेश

Green Steel को लेकर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश की बड़ी संभावना सामने आई है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ में राज्य को ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से करीब 10,921 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कहा कि दुनिया शून्य कार्बन उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप तेजी से ग्रीन स्टील की ओर बढ़ रही है। उन्होंने इसे भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने इस बदलाव को समय रहते अपनाया है।

4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Green Steel पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार की निवेश नीति स्पष्ट है। प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है और उद्योगों के लिए जरूरी अनुमतियां तय समय-सीमा में देने पर जोर है।

उन्होंने कहा कि राज्य में निवेशकों के लिए रेड टेप की कोई जगह नहीं है। सरकार प्रदेश में आने वाले प्रत्येक निवेशक के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है।

छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में भी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनुमतियों के लिए एकीकृत व्यवस्था और ऑनलाइन प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।

यह भी पढ़ें: धरमजयगढ़ में Elephant Attack से दहशत

Green Steel से बढ़ेगा स्थानीय वैल्यू एडिशन

राज्य अब अपनी खनिज संपदा को केवल कच्चे या प्राथमिक स्टील के रूप में बाहर भेजने के बजाय प्रदेश के भीतर अधिक मूल्य वाले उत्पादों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।

इसके तहत स्टील से ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे उपकरण, रक्षा सामग्री और सौर ऊर्जा उपकरण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

Green Steel क्या है और क्यों जरूरी है?

कम कार्बन उत्सर्जन वाला स्टील

कम कार्बन उत्सर्जन के साथ तैयार किए गए स्टील को सामान्य तौर पर Green Steel कहा जाता है। पारंपरिक स्टील उत्पादन में कोयले और कोक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन अधिक होता है।

इसके विपरीत ग्रीन स्टील उत्पादन में कम-कार्बन तकनीकों और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल करके उत्सर्जन घटाने का प्रयास किया जाता है। इनमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी तकनीकें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

CII ने भी भारतीय स्टील उद्योग के डीकार्बोनाइजेशन में स्वच्छ तकनीकों और ग्रीन हाइड्रोजन की भूमिका पर जोर दिया है।

4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

चार नए औद्योगिक पार्कों को मंजूरी

राज्य में औद्योगिक आधार को मजबूत करने के लिए राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर में चार नए औद्योगिक पार्कों को मंजूरी दी गई है।

राजनांदगांव में करीब 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इससे करीब 9 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना बताई गई है।

इन औद्योगिक पार्कों के जरिए स्टील के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

18 महीने में ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में निवेश का दायरा केवल स्टील और खनन तक सीमित नहीं है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत पिछले 18 महीनों में करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की बात कही गई है।

इन प्रस्तावों में स्टील और खनन के अलावा एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्र भी शामिल हैं।

राज्य के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पारंपरिक खनिज आधारित अर्थव्यवस्था के साथ आधुनिक और तकनीक आधारित उद्योगों का विस्तार हो सकता है।

छत्तीसगढ़ को मिले ₹13,840 करोड़ के Green Steel निवेश प्रस्ताव राज्य के औद्योगिक और पर्यावरणीय बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। 10,921 रोजगार अवसरों के साथ ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग पर जोर प्रदेश की खनिज संपदा को स्थानीय स्तर पर अधिक मूल्य में बदलने में मदद कर सकता है। यदि प्रस्तावित निवेश जमीन पर तेजी से उतरते हैं, तो छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख Green Steel और हरित औद्योगिक उत्पादन केंद्रों में अपनी मजबूत जगह बना सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *