Youth Skill Development को लेकर बलौदाबाजार में युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। जिला ऑडिटोरियम में आयोजित युवा नेतृत्व एवं कौशल विकास क्षमता कार्यशाला में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने युवाओं से सकारात्मक सोच, मेहनत और सही दिशा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और क्षमता होती है। यदि इस ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग किया जाए, तो युवा अपने जीवन में सफलता हासिल करने के साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
यह कार्यशाला उच्च शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ द्वारा ‘नशामुक्त विकसित भारत, नशामुक्त सशक्त युवा’ तथा संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित की गई थी।
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Youth Skill Development का संदेश
कार्यक्रम में ओपी चौधरी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को जीवन में बड़ा लक्ष्य तय करने और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने की सलाह दी।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीवन में मुश्किलें आना स्वाभाविक है। कठिनाइयों से डरकर पीछे हटने के बजाय उनका सामना करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। संघर्ष व्यक्ति को मजबूत बनाता है और सफलता की राह तैयार करता है।
उन्होंने सड़क के गड्ढों का उदाहरण देते हुए कहा कि गड्ढे मिलने पर लोग रास्ता छोड़ नहीं देते, बल्कि उन्हें पार करके आगे बढ़ते हैं। इसी तरह जीवन की चुनौतियों को पार करते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहिए।
युवाओं को बड़ा लक्ष्य तय करने की सलाह
ओपी चौधरी ने युवाओं से अपने भीतर कुछ कर गुजरने का जुनून पैदा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जोखिम उठाने की क्षमता भी युवाओं में होनी चाहिए।
उन्होंने आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस और भगत सिंह जैसे युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के इतिहास में कम उम्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले अनेक प्रेरणादायक व्यक्तित्व रहे हैं।
Youth Skill Development में कौशल पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल भी विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विस्तार हो रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 20 होने जा रही है। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
सरकार की ओर से 200 युवाओं को यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है।
राष्ट्रीय सेवा योजना भी युवाओं में नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सेवा की भावना विकसित करने पर जोर देती है। NSS के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, इसका उद्देश्य छात्र युवाओं के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना है।
नशे से दूर रहने का आह्वान
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को राष्ट्र के सामने बड़ी चुनौती बताया।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल आलोचना करने से समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। युवाओं को नशे से दूर रखकर ही सशक्त और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है।
‘नशामुक्त विकसित भारत, नशामुक्त सशक्त युवा’ का संदेश इसी दिशा में युवाओं को जागरूक करने पर केंद्रित रहा।
विकसित भारत के लक्ष्य में युवा शक्ति
ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनी ताकत बनाने की अपील की। उनका कहना था कि युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।
कार्यशाला में राजस्व मंत्री एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, एसपी गौरव राय, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा और जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
युवाओं के लिए कार्यशाला का महत्व
इस कार्यशाला ने युवाओं के सामने तीन प्रमुख संदेश रखे—बड़ा लक्ष्य तय करना, लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करना और नशे से पूरी तरह दूर रहना।
Youth Skill Development के साथ नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और व्यावहारिक कौशल पर ध्यान देना आज के दौर में युवाओं के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी मदद कर सकते हैं।
बलौदाबाजार की यह कार्यशाला युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने का मजबूत संदेश देती है। Youth Skill Development केवल रोजगार के लिए जरूरी नहीं, बल्कि नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की क्षमता बढ़ाने का माध्यम भी है। यदि युवा कौशल, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और नशे से दूर रहें, तो विकसित भारत के लक्ष्य में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।
