रायपुर | 03 अगस्त 2026। New Criminal Laws को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को सजा देना नहीं, बल्कि नागरिक केंद्रित न्याय व्यवस्था स्थापित करना है, जहां पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिले और अपराधी कानून से बच न सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 1 जुलाई 2024 से लागू हुए नए आपराधिक कानूनों ने भारत की न्याय प्रणाली को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाया है।
मुख्यमंत्री रायपुर में गृह विभाग द्वारा आयोजित “नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय को सशक्त बनाने” विषयक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
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New Criminal Laws ने बदली देश की न्याय व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam) ने औपनिवेशिक दौर के पुराने कानूनों की जगह लेकर न्याय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव किया है।
उन्होंने कहा कि पुराने कानून उस समय बनाए गए थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, मोबाइल डेटा और आधुनिक फोरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों का स्वरूप बदल चुका है, इसलिए नई चुनौतियों के अनुरूप कानूनों का आधुनिकीकरण आवश्यक था।
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New Criminal Laws में डिजिटल साक्ष्य और फोरेंसिक जांच को मिली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नए कानूनों में डिजिटल साक्ष्य, CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वैज्ञानिक फोरेंसिक जांच को कानूनी मान्यता दी गई है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (National Forensic Sciences University) का परिसर स्थापित होने से अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।
इसके अलावा ई-समन (e-Summons) व्यवस्था लागू होने से समन भेजने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी है। अब समन की डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है।
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डिजिटल न्याय व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय श्रुति (Nyaya Shruti) प्लेटफॉर्म के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालतों में ऑनलाइन और हाइब्रिड सुनवाई की सुविधा उपलब्ध हुई है।
उन्होंने बताया कि Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS) के जरिए देशभर के पुलिस थानों को डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध हो जाता है और पुलिस कार्रवाई तेज होती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सभी पुलिस थाने ऑनलाइन हो चुके हैं और अब तक 1,97,547 एफआईआर डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा चुकी हैं।
ICJS से न्याय प्रक्रिया हुई और अधिक प्रभावी
मुख्यमंत्री ने कहा कि Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) के माध्यम से न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल प्रशासन और अन्य एजेंसियों के बीच डिजिटल समन्वय स्थापित हुआ है।
इससे सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी आई है और मामलों के निपटारे में होने वाली देरी कम हुई है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया भी कम होगी और न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी एवं किफायती बनेगी।
साइबर अपराधों से निपटने के लिए सरकार की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में 9 नए साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए हैं।
इसके साथ ही लोगों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली से जुड़े अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण भी आवश्यक है ताकि वे नई तकनीकों के अनुरूप कार्य कर सकें।
मुख्य न्यायाधीश और गृह मंत्री ने क्या कहा?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानून राज्य की न्याय प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि जून माह में जिला अदालतों में 9,910 मामलों और हाईकोर्ट में 58 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। उन्होंने न्याय श्रुति, ई-साक्ष्य, ई-चालान और डिजिटल फोरेंसिक के अधिक उपयोग पर बल दिया।
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला न्याय व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद ICJS के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी आई है।
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New Criminal Laws की प्रमुख विशेषताएं
- 1 जुलाई 2024 से तीन नए आपराधिक कानून लागू।
- डिजिटल साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को कानूनी मान्यता।
- ई-समन और डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू।
- Nyaya Shruti से ऑनलाइन और हाइब्रिड सुनवाई।
- CCTNS के जरिए पुलिस थानों का डिजिटल नेटवर्क।
- ICJS से न्यायपालिका और पुलिस के बीच समन्वय।
- छत्तीसगढ़ में 9 नए साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित।
- राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय का परिसर प्रस्तावित।
New Criminal Laws भारत की न्याय प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार, इन कानूनों से पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिलेगा, अपराध जांच अधिक वैज्ञानिक होगी और डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया तेज होगी। छत्तीसगढ़ सरकार इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर सुरक्षा और डिजिटल न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
