रायगढ़। OP Jindal University Convocation के छठवें दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को जीवन के महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान का उपयोग विवेक, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जनकल्याण के लिए करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी साबित हो।
Table: OP Jindal University Convocation की मुख्य बातें
- स्थान: रायगढ़
- आयोजन: ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय का छठवां दीक्षांत समारोह
- मुख्य अतिथि: राज्यपाल रमेन डेका
- कुल उपाधियां: 688
- स्वर्ण पदक: 27
- रजत पदक: 28
- कांस्य पदक: 29
OP Jindal University Convocation में 688 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां
रायगढ़ स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और स्कूल ऑफ साइंस के कुल 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कुल 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 28 विद्यार्थियों को रजत पदक तथा 29 विद्यार्थियों को कांस्य पदक देकर सम्मानित किया गया।
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OP Jindal University Convocation में राज्यपाल रमेन डेका का प्रेरक संदेश
राज्यपाल रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि आज का समय तेजी से बदलती तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रह गई है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसे युवा तैयार करने होंगे जो ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की प्रवृत्ति और सामाजिक सरोकारों को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होगी जब अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले विद्यार्थी अपने ज्ञान, प्रतिभा और संस्कारों के बल पर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, सामाजिक उत्तरदायित्व भी
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि किसी भी शिक्षित व्यक्ति की पहचान केवल उसके प्रमाण-पत्रों से नहीं होती, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसके योगदान से होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने और समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो।
OP Jindal University Convocation में शामिल रहे प्रमुख अतिथि
दीक्षांत समारोह में कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें शामिल रहे—
- जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद नवीन जिंदल
- विश्वविद्यालय की चांसलर शालू जिंदल
- छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल
- जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देबोज्योति रॉय
- कुलपति डॉ. आर.डी. पाटीदार
सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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OP Jindal University Convocation से युवाओं के लिए बड़ा संदेश
दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि युवाओं को समाज, राष्ट्र और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने वाला प्रेरक अवसर भी बना। राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि सफलता का वास्तविक अर्थ समाज के लिए उपयोगी बनना है।
उच्च शिक्षा संस्थानों से निकलने वाले युवाओं को नवाचार, अनुसंधान और सामाजिक सेवा के माध्यम से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
OP Jindal University Convocation ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार या डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के लिए सकारात्मक परिवर्तन लाना है। राज्यपाल रमेन डेका का यह आह्वान कि हर विद्यार्थी अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य करे जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी हो, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। 688 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां और मेधावी छात्रों का सम्मान इस समारोह की प्रमुख उपलब्धि रही।
