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CJP Chalo Sansad Protest: दिल्ली हिंसा मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई, अब तक 10 FIR दर्ज

CJP Chalo Sansad Protest के दौरान 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दर्ज मामले में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। यह कार्रवाई संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हुए प्रदर्शन और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद की गई है।

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CJP Chalo Sansad Protest: प्रदर्शन क्यों हुआ था?

CJP Chalo Sansad Protest का आयोजन मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में किया गया था।

प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हजारों छात्र और युवा दिल्ली के केंद्रीय क्षेत्र में एकत्र हुए।

हालांकि प्रशासन ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।


दिल्ली पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएं लगाईं?

CJP Chalo Sansad Protest से जुड़े मामले में कर्तव्य पथ थाना में दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 13 धाराएं लगाई गई हैं।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • हत्या का प्रयास
  • लोक सेवक पर हमला
  • सरकारी कार्य में बाधा
  • गैरकानूनी जमावड़ा
  • दंगा
  • सरकारी संपत्ति को नुकसान
  • मानव जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य

पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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CJP Chalo Sansad Protest के दौरान क्या हुआ?

पुलिस के अनुसार घटना रफी मार्ग स्थित रेल भवन के पास हुई, जहां संसद परिसर की ओर जाने वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए थे।

FIR के मुताबिक पुलिसकर्मी सुबह 5 बजे से सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। वायरलेस संदेश मिलने के बाद अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा।

पुलिस का कहना है कि लाउडस्पीकर के माध्यम से कई बार घोषणा कर प्रदर्शनकारियों को बताया गया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और मार्च की अनुमति नहीं है।


FIR में लगाए गए आरोप

पुलिस द्वारा दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि चेतावनी के बावजूद भीड़ पीछे नहीं हटी और कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने के लिए अन्य प्रदर्शनकारियों को उकसाया।

FIR के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को घेर लिया तथा उन पर पथराव और चप्पलें फेंकी

पुलिस का यह भी दावा है कि भीड़ ने सुरक्षा बलों पर हमला किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी संपत्ति व निजी वाहनों को नुकसान पहुंचा।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि ये आरोप पुलिस की FIR में दर्ज हैं और इनकी जांच अभी जारी है।


पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस क्यों छोड़ी?

पुलिस के अनुसार संसद और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने पहले भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इस मामले से जुड़े विभिन्न पक्षों के दावों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।


घटना में कितने लोग घायल हुए?

पुलिस के अनुसार झड़पों में—

  • 129 पुलिसकर्मी, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, घायल हुए।
  • लगभग 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

इन आंकड़ों का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में किया गया है।


अब तक 10 FIR दर्ज

CJP Chalo Sansad Protest से जुड़े मामलों में अब तक 10 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।

इनमें—

  • 4 FIR संसद मार्ग थाने में,
  • 3 FIR कनॉट प्लेस थाने में,
  • 1-1 FIR कर्तव्य पथ, मंदिर मार्ग और बाराखंबा थाने में दर्ज की गई है।

इनमें एक FIR रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान की शिकायत पर भी दर्ज की गई है, जिसमें उनके साथ कथित मारपीट का आरोप लगाया गया है।


CJP Chalo Sansad Protest के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की FIR में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक एवं जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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