Exam Paper Leak Protest को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार देर रात छात्रों को संबोधित एक रिकॉर्डेड संदेश में प्रधानमंत्री ने परीक्षा पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
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Exam Paper Leak Protest क्यों शुरू हुआ?
देशभर में चल रहा Exam Paper Leak Protest विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों के विरोध में शुरू हुआ। आंदोलन का नेतृत्व Cockroach Janta Party (CJP) नामक एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन मंच कर रहा है, जिसकी शुरुआत मई 2026 में हुई थी।
यह मंच अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
नई दिल्ली इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बना हुआ है, हालांकि इसका प्रभाव मुंबई, बेंगलुरु और पटना सहित कई अन्य शहरों तक पहुंच चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि परीक्षा पेपर लीक जैसे अपराध युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और ऐसे मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
यह छात्रों के आंदोलन शुरू होने के बाद इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
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Exam Paper Leak Protest: सोनम वांगचुक ने खत्म की 26 दिन की भूख हड़ताल
छात्र आंदोलन का समर्थन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात अपनी 26 दिन से जारी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने छात्रों की मांगों के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात भी कही।
छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
हालांकि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी छात्र संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार किया है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक Exam Paper Leak Protest जारी रहेगा।
छात्र शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और परीक्षा सुरक्षा से जुड़े स्थायी सुधारों की मांग कर रहे हैं।
किन शहरों तक पहुंचा आंदोलन?
- नई दिल्ली
- मुंबई
- बेंगलुरु
- पटना
इन शहरों में छात्रों ने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई है।
आगे क्या हो सकता है?
प्रधानमंत्री द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा के बाद अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि सरकार इस घोषणा को कितनी जल्दी लागू करती है और जांच एजेंसियां कथित पेपर लीक मामलों में क्या कार्रवाई करती हैं।
वहीं दूसरी ओर छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी अन्य मांगों पर निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Exam Paper Leak Protest ने देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर नई बहस छेड़ दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि छात्र संगठनों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच आगे की बातचीत महत्वपूर्ण रहेगी।
