PDS Rice Scam का बड़ा मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सामने आया है। भिलाई नगर पुलिस ने सरकारी राशन की कथित कालाबाजारी और गबन के मामले में सेक्टर-7 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक को गिरफ्तार किया है। खाद्य विभाग की जांच में 1007.51 क्विंटल चावल स्टॉक से गायब मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
पुलिस ने इस मामले में दुकान संचालक धनंजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जबकि सह-आरोपी विक्रेता नमिता सिन्हा की तलाश जारी है।
PDS Rice Scam: 1007.51 क्विंटल चावल स्टॉक से गायब
भिलाई नगर पुलिस के अनुसार, खाद्य विभाग की शिकायत पर सरकारी राशन दुकान संचालक धनंजय सिंह राजपूत और विक्रेता नमिता सिन्हा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आरोप है कि दोनों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) के तहत वितरित किए जाने वाले 1007.51 क्विंटल चावल का कथित गबन किया। जांच में इस स्टॉक की बाजार कीमत 40 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
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PDS Rice Scam का खुलासा कैसे हुआ?
भौतिक सत्यापन में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
खाद्य निरीक्षक चंद्रकांत बघेल के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले की कई उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया था।
इसी दौरान सेक्टर-7 मार्केट स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि 1007.51 क्विंटल चावल रिकॉर्ड के मुकाबले कम था।
इसके बाद पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी को भेजी गई।
कलेक्टर न्यायालय के निर्देश के बाद दर्ज हुआ मामला
जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला कलेक्टर न्यायालय पहुंचा।
सुनवाई के दौरान दुकान संचालक संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
इसके आधार पर भिलाई नगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
PDS Rice Scam में पुलिस की कार्रवाई
दुकान संचालक गिरफ्तार, दूसरी आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी धनंजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
वहीं, सह-आरोपी नमिता सिन्हा की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यक दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल
PDS Rice Scam का यह मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े करता है।
सरकारी राशन गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से वितरित किया जाता है। ऐसे मामलों में स्टॉक की नियमित जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
खाद्य विभाग ने भी संकेत दिए हैं कि जिले की अन्य उचित मूल्य दुकानों की निगरानी और जांच आगे भी जारी रहेगी।
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PDS Rice Scam में भिलाई नगर पुलिस की कार्रवाई सरकारी राशन वितरण प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। खाद्य विभाग की जांच में 1007.51 क्विंटल चावल का स्टॉक गायब मिलने के बाद एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
