Share Trading Fraud का एक बड़ा मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आया है। उतई पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 19 लाख रुपये की ठगी करने वाली महिला आरोपी तृप्ति साहू को गिरफ्तार किया है। आरोपी निवेशकों को 28 महीने में निवेश की रकम चार गुना करने और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक रिटर्न देने का लालच देकर लाखों रुपये निवेश कराती थी। पुलिस जांच में कई बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन का भी खुलासा हुआ है।
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Share Trading Fraud में कैसे फंसाए गए निवेशक?
पुलिस के अनुसार, आरोपी तृप्ति साहू खुद को रैम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी की प्रमुख बताती थी। वह लोगों को भरोसा दिलाती थी कि उसकी कंपनी शेयर ट्रेडिंग के जरिए निवेश की गई राशि को 28 महीने में चार गुना कर देती है।
इसके अलावा निवेशकों को हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने का दावा भी किया जाता था। इसी लालच में कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी आरोपी को सौंप दी।
प्रार्थी से ऐसे शुरू हुई पहचान
पुलिस जांच के मुताबिक, शिकायतकर्ता की पहचान वर्ष 2024 में तृप्ति साहू से हुई थी।
आरोपी के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 28 फरवरी 2024 को उसे 5 लाख रुपये नकद दिए। करीब एक महीने बाद आरोपी ने 45 हजार रुपये वापस कर निवेशक का भरोसा जीत लिया।
यही विश्वास आगे चलकर बड़ी ठगी की वजह बना।
Share Trading Fraud का पूरा खेल
शुरुआती भुगतान मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने एक्सिस बैंक से 15 लाख रुपये का लोन लिया।
इसके बाद 28 मार्च 2024 को उसने 14 लाख रुपये निखिल पिल्लई के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
आरोपी ने यह भी लालच दिया कि यदि अन्य लोगों को निवेश के लिए जोड़ा जाएगा तो अतिरिक्त कमाई होगी। इसी भरोसे में शिकायतकर्ता ने अपने भाई, दोस्त और एक रिश्तेदार से करीब 4 लाख रुपये जुटाकर निवेश कराया। सभी के नाम पर निवेश आईडी भी बनाई गई।
हालांकि, किसी भी निवेशक को वादा किया गया रिटर्न नहीं मिला।
रकम वापस मांगने पर पहचानने से किया इनकार
जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने उन्हें पहचानने से ही इनकार कर दिया।
इसके बाद पीड़ितों ने उतई थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच में क्या मिला?
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के कई बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले।
पुलिस का कहना है कि निवेशकों से ली गई राशि का उपयोग आरोपी अपने निजी खर्चों में कर रही थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से—
- विभिन्न बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज
- पैन कार्ड
- आधार कार्ड
- एक कार
बरामद की है।
पुलिस ने महिला आरोपी तृप्ति साहू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल निखिल पिल्लई की तलाश जारी है।
निवेशकों के लिए पुलिस की सलाह
इस Share Trading Fraud मामले के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वैधता और नियामकीय पंजीकरण की जांच अवश्य करें।
असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें। यदि कोई व्यक्ति कम समय में कई गुना लाभ का वादा करता है, तो निवेश से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करना जरूरी है।
Share Trading Fraud का यह मामला बताता है कि अधिक मुनाफे का लालच लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। उतई पुलिस ने 19 लाख रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी तृप्ति साहू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार आरोपी निखिल पिल्लई की तलाश जारी है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
