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Sharad Pawar Modi Meeting: संसद में पीएम मोदी से मिले शरद पवार, NDA में जाने की अटकलें फिर तेज

Sharad Pawar Modi Meeting ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार सुबह संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उनकी बेटी और पार्टी सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। मुलाकात के दौरान शरद पवार ने प्रधानमंत्री को एक पत्र भी सौंपा। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।


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Sharad Pawar Modi Meeting में क्या हुआ?

संसद परिसर में हुई इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के दौरान शरद पवार ने उन्हें एक पत्र सौंपा। हालांकि पत्र की विषय-वस्तु और बैठक में हुई बातचीत का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।

इस मुलाकात से एक दिन पहले शरद पवार नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके से मुलाकात की थी।


Sharad Pawar Modi Meeting के बाद NDA को लेकर क्यों बढ़ीं अटकलें?

प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के भविष्य और उसके संभावित राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि केंद्र सरकार परिसीमन (Delimitation) विधेयक संसद में लाती है, तो उसे विभिन्न दलों का समर्थन जुटाने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में एनसीपी (एसपी) के आठ लोकसभा सांसदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि, यह केवल राजनीतिक अटकलें हैं। इस संबंध में सरकार या एनसीपी (एसपी) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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सुप्रिया सुले ने क्या कहा?

एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी परिसीमन विधेयक का समर्थन कर सकती है, लेकिन इसके लिए सरकार को लिखित आश्वासन देना होगा कि लोकसभा सीटों की कुल संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।

साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के NDA में शामिल होने या किसी प्रकार के विलय की संभावना नहीं है।


PM मोदी और शरद पवार के रिश्ते कैसे रहे हैं?

राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार के बीच व्यक्तिगत स्तर पर सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं।

  • 2015 में बारामती दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शरद पवार के राजनीतिक अनुभव की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि राजनीति के शुरुआती दौर में शरद पवार ने उनका “हाथ पकड़कर चलना सिखाया”।
  • 2017 में केंद्र सरकार ने शरद पवार को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया।
  • दोनों नेता विभिन्न राष्ट्रीय और महाराष्ट्र से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों पर समय-समय पर मुलाकात करते रहे हैं।

राजनीतिक मंच पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर किए हैं तीखे हमले

व्यक्तिगत संबंधों के बावजूद चुनावी राजनीति में दोनों नेताओं के बीच कई बार तीखी बयानबाजी भी हुई है।

  • 2014 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी को “नेचुरली करप्ट पार्टी” कहा था और जनता से “चाचा-भतीजा” (शरद पवार और अजित पवार) की राजनीति को नकारने की अपील की थी।
  • 2024 लोकसभा चुनाव में भी प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए शरद पवार पर निशाना साधते हुए उन्हें “भटकती आत्मा” बताया था।
  • दूसरी ओर, शरद पवार भी केंद्र सरकार की कई नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाए और विभिन्न मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी असहमति जताई।

अब आगे किस पर रहेगी नजर?

फिलहाल Sharad Pawar Modi Meeting को लेकर आधिकारिक तौर पर बैठक के एजेंडे का खुलासा नहीं हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि क्या आने वाले दिनों में परिसीमन विधेयक, संसद की रणनीति या महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर कोई नई घोषणा होती है। जब तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती, NDA में शामिल होने से जुड़ी चर्चाओं को केवल राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।


Sharad Pawar Modi Meeting ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। हालांकि मुलाकात के बाद NDA में शामिल होने या किसी राजनीतिक समझौते को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के विलय या NDA में शामिल होने का सवाल नहीं है। अब सभी की नजर आने वाले दिनों में सरकार और एनसीपी (एसपी) के अगले राजनीतिक कदमों पर टिकी रहेगी।

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